14 साल की फराह बलूच ने भारत से क्यों लगाई मदद की गुहार?
Farah Baloch: एक तरफ हाथ में भारतीय तिरंगा, साथ में मां और जुबां पर ‘भारत माता की जय’ और ‘नमस्ते हिंदुस्तान’. सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो ने बलूचिस्तान के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. वीडियो में बलूचिस्तान की आजादी की लड़ाई लड़ रही कार्यकर्ता फराह बलूच भारत से अपने लोगों के लिए आवाज उठाने की अपील करती नजर आ रही हैं.
फराह ने वीडियो में कहा कि बलूचिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार और सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व में सेना लोगों पर जुल्म कर रही है. उन्होंने भारत और दुनिया से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की है.
‘हमारी आवाज बनिए…’
मानवाधिकार कार्यकर्ता फराह बलूच ने भारत के लोगों और दुनिया से बलूचिस्तान के लोगों के साथ खड़े होने की अपील की. अपनी मां के साथ वीडियो में दिख रही 14 साल की फराह ने कहा कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले बलूचिस्तान की बेटी हैं और भारत के हर नागरिक से उनकी आवाज बनने की गुजारिश करती हैं.
Nameste Bahraat Mata, Hindustan.
Today, I Farah Baloch Daughter Of Occupied Balochistan with my mother request to each and every citizen of to be our voice and support the the people of Balochistan, Hindustan your voice, your support to the voiceless people of Balochistan… pic.twitter.com/7dwKesKnfu
— FARAH BALOCH (@MBaloch8mda) September 27, 2026
फराह ने कहा,
हिंदुस्तान, आपकी आवाज और आपका साथ बलूचिस्तान के बेजुबान लोगों के लिए बहुत मायने रखता है.
उनकी अपील ऐसे वक्त सामने आई है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा और शासन को लेकर लगातार तनाव बना हुआ है. इलाके में हिंसक घटनाएं होती रहती हैं. कार्यकर्ता सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जबरन गायब किए गए लोगों और सेना के दखल का मुद्दा उठाते रहे हैं.
भारत की ओर क्यों देख रही हैं फराह?
फराह का कहना है कि अगर भारत इस मुद्दे पर आवाज उठाता है तो दुनिया का ध्यान पाक फौज के बूटों तले रौंदे जा रहे बलूचिस्तान के आम लोगों की मुश्किलों की ओर जा सकता है. हालांकि भारत सरकार इस मामले में अब तक सतर्क रुख अपनाती रही है. कभी-कभी भारतीय अधिकारी पाकिस्तान से बलूच लोगों की लोकतांत्रिक और मानवीय मांगों को पूरा करने की बात करते हैं.
इसी को लेकर फराह ने भारत से अपील की. उन्होंने भारतीय नागरिकों से बलूचिस्तान के लोगों के साथ खड़े होने और उनकी आवाज दुनिया तक पहुंचाने की अपील की है.
आखिर बलूचिस्तान में इतना हिंसा क्यों है?
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है. यहां गैस, सोना और तांबा जैसे खनिज बड़ी मात्रा में मौजूद हैं. इसके बावजूद यह इलाका पाकिस्तान के सबसे पिछड़े इलाकों में गिना जाता है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का फायदा केंद्र सरकार और दूसरे प्रांतों (पंजाब) को मिलता है, जबकि यहां के लोगों हालत बेहद ही खराब है.
कार्यकर्ता और संगठन पाकिस्तानी सेना पर भारी सैन्य तैनाती, लोगों को जबरन गायब करने, बिना मुकदमे हत्या और राजनीतिक विरोध को दबाने जैसे आरोप लगाते रहे हैं.
CPEC और ग्वादर से भी बढ़ा गुस्सा
बलूचिस्तान में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा यानी CPEC और ग्वादर बंदरगाह जैसे बड़े प्रोजेक्ट को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है. कई स्थानीय लोगों का कहना है कि इन परियोजनाओं से मूल निवासियों को फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो रहा है.
दूसरी तरफ बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे हथियारबंद ग्रुप स्वायत्तता या पूरी आजादी की मांग करते हैं. ये संगठन समय-समय पर सुरक्षा बलों और परियोजनाओं पर हमले भी करते रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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