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Earthquake: तुर्किये और सीरिया में आए भीषण भूकंप में 5 हजार से अधिक लोगों की मौत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि भारत इस त्रासदी से निपटने में मदद के लिए हरसंभव सहायता देने को तैयार है.

Earthquake

राहत में जुटे बचावकर्मी

Edited by Nitish Pandey

Earthquake: तुर्किये और सीरिया में आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप और उसके बाद के झटकों के कारण अब तक 5,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों को आशंका है कि सोमवार भोर से पहले आए भूकंप और बाद के झटकों से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि बचावकर्मी मंगलवार को भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं.

इस बीच, दक्षिण-पूर्व तुर्किये में भूकंप (Earthquake) से प्रभावित एक शहर में बंदरगाह के एक हिस्से में भीषण आग लग गई. टेलीविजन पर प्रसारित तस्वीरों में इस्कांद्रेयन बंदरगाह पर जलते हुए कंटेनर से काला धुआं उठता नजर आ रहा है. तुर्किये तटरक्षक पोत आग बुझाने के प्रयासों में मदद कर रहा है. बचावकर्मी बड़ी सावधानी से कंक्रीट के पत्थर और लोहे की छड़ों को हटा रहे हैं, ताकि मलबे में यदि कोई भी जीवित बचा हो तो उसे सुरक्षित निकाला जा सके. कई लोग अपने प्रियजनों की तलाश में क्षतिग्रस्त इमारतों के पास एकत्रित हो रहे हैं.

नर्गुल अताय ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि वह हाते प्रांत की राजधानी अंताक्या शहर में एक ढह गई इमारत के मलबे के नीचे अपनी मां की आवाज सुन सकती थी, लेकिन किसी ने उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की. उन्होंने कहा, ‘‘ कंक्रीट की स्लैब हटाकर हम उन तक पहुंच सकते थे. मेरी मां 70 साल की है वह ज्यादा समय तक यह सब नहीं झेल पाएगी.’’

चिकित्सा सहायता संगठन ‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने मंगलवार को पुष्टि की कि सीरिया के इदलिब प्रांत में मकान ढहने के कारण जान गंवाने वालों में उसका एक कर्मचारी भी शामिल है. कई अन्य लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया है.

भूकंप (Earthquake) का केंद्र तुर्किये के शहर गजियांतेप से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर था. भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने शॉपिंग मॉल, स्टेडियम, मस्जिद और सामुदायिक केंद्रों में शरण ली है.

तुर्किये के अधिकारियों की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, तुर्किये के 10 प्रांतों में कम से कम 3,381 की मौत हो गई, जबकि 20,000 से अधिक लोग घायल हैं.

सीरिया के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सीरिया के सरकारी कब्जे वाले इलाकों में भूकंप संबंधी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 769 हो गई है, जबकि करीब 1,450 लोग घायल हैं. देश के विद्रोहियों के कब्जे वाले उत्तर पश्चिम में काम करने वाले समूहों ने बताया कि कम से कम 450 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं. तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है.

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने एर्दोआन को फोन किया और संकट की इस घड़ी में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सहयोगी तुर्किये के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा सहायता की पेशकश की. व्हाइट हाउस ने कहा कि वह तुर्किये के प्रयासों में मदद के वास्ते खोज एवं बचाव दल भेज रहा है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि भारत इस त्रासदी से निपटने में मदद के लिए हरसंभव सहायता देने को तैयार है. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, राहत सामग्री के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और चिकित्सा दलों को तुर्किये गणराज्य की सरकार के समन्वय से तुर्किये भेजा जाएगा. इस घोषणा के कुछ घंटे बाद भारतीय वायु सेना के एक विमान में तुर्किये के लिए भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप रवाना कर दी गई.



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