हूतियों के हमले से दहल उठे सऊदी के 4 शहर (इमेज-X.com)
Houthi Attack On Saudi Arabia: ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच खाड़ी में तनाव और बढ़ गया है. यमन के ईरान समर्थित हूति विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर एक साथ कई हमले किए. मंगलवार को किए गए इन हमलों में 70 से ज्यादा लोग घायल हुए, जबकि कई तेल ठिकानों में आग लग गई. हूतियों ने ड्रोन और मिसाइलों से सऊदी शहरों को निशाना बनाया.
हूतियों ने सऊदी अरब के खमीस मुशैत, आभा, नजरान और जाजान शहरों में हमले किए. इनमें सऊदी अरब के एयरपोर्ट और सरकारी तेल कंपनी के ठिकाने भी शामिल थे. जाजान में बड़ी रिफाइनरी और बिजली संयंत्र है. उपग्रह से ली गई तस्वीरों में जाजान रिफाइनरी और आभा के तेल केंद्र से धुआं उठता दिखाई दिया.
घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल
सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, हमलों में 73 लोग घायल हुए हैं. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. इन हमलों को ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद सऊदी अरब पर हुए सबसे बड़े हमलों में गिना जा रहा है.
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HOUTHIS ATTACK SAUDI ARABIA, 73 WOUNDED
Iran-backed Houthis launched a wave of attacks on southern Saudi Arabia.
Saudi authorities say 73 people, including women and children, were wounded.
The attacks targeted civilian and economic facilities… pic.twitter.com/49jSC35dyr
— Subodh Kumar (@kumarsubodh_) September 8, 2026
दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखने लगा है. हूति लंबे समय से ईरान के करीबी माने जाते हैं और सऊदी अरब पहले से ही यमन में उनके खिलाफ लड़ता रहा है. ऐसे में सऊदी शहरों पर ताजा हमले ने इलाके में तनाव को और बढ़ा दिया है.
99.46 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा क्रूड ऑयल का दाम
हमलों के बाद तेल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ा है. ब्रेंट क्रूड 99.46 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो 24 जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है. युद्ध के कारण तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ रही है और इसका सीधा असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
हूतियों के हमलों के जवाब में यमन में सऊदी अरब के समर्थन वाले गुट ने बदला लेने की बात कही है. वहीं हूति प्रवक्ता याह्या सरी ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब यमन में हमले कर युद्ध को बढ़ा रहा है.
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा रहा मुसीबत
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ रहा है. दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है. ईरान ने यहां अमेरिकी नाकाबंदी के खिलाफ नए कदम उठाने की बात कही है, जबकि अमेरिका खाड़ी से तेल की सप्लाई बनाए रखने की कोशिश कर रहा है.
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अमेरिकी हमलों से ईरान की सेना और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है, लेकिन ईरान की मिसाइलें और ड्रोन अब भी खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों और जहाजों के लिए खतरा बने हुए हैं. ऐसे में हूतियों का सऊदी अरब पर हमला इस युद्ध को और बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने की आशंका बढ़ा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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