भारत द्वारा तुर्किये की कंपनी Celebi Aviation की सुरक्षा मंजूरी रद्द किए जाने के बाद तुर्कीये के वित्तीय बाजार पर बड़ा असर देखने को मिला है. सेलेबी इंडिया में 9 बड़े एयरपोर्ट जैसे कि दिल्ली, मुम्बई और बेंगलुरु में ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं दे रही थी.
भारत का यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनज़र लिया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, तुर्कीये ने पाकिस्तान को ड्रोन और सैन्य सहायता प्रदान किया था, जिनका उपयोग हाल ही में भारत पर हमलों में हुआ. इसी कारण भारत ने सेलेबी की एयरपोर्ट की सर्विस रद्द कर दी है.
इन सब घटनाक्रम के बाद तुर्कीये की स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट देखी गई. बीआईएसटी 100 सूचकांक करीब 8.72% तक गिरा और तुर्किये की लीरा भी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक न्यूनतम तक पहुंच गई- करीब 42 लीरा प्रति डॉलर. हाल ही में इस्तांबुल के मेयर की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी हुई थी और अब भारत-तुर्कीये तनाव ने निवेश की भावना को और कमजोर कर दिया है.
विशेषज्ञ का मानना है कि अगर भारत का ये कूटनीतिक रुख लंबे समय तक जारी रहा, तो तुर्कीये की अर्थव्यवस्था और ज़्यादा दबाव में आ सकती है, खास कर जब वहां पहले से पहले से ही इनफ्लेशन 37.86% के करीब चल रहा है और केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें 46% तक बढ़ा दिया है.
बाजार प्रतिक्रियाएं:
- सेलेबी के वैश्विक परिचालन पर असर
- विदेशी निवेशकों में बढ़ी घबराहट
- इज़ाफ़ा में तुर्की की राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता
भारत के बहिष्कार का सीधा असर तुर्की की अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है. आने वाले दिनों में ये देखना होगा अहम कि तुर्की ये कूटनीतिक और आर्थिक दबाव से कैसे निपटेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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