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Imran Khan Death: इमरान खान की बहन ने अदियाला जेल सुपरिटेंडेंट के खिलाफ दायर की याचिका, बेटे ने पिता के ज़िदा होने के मांगे सबूत

इस्लामाबाद हाईकोर्ट (IHC) ने इसी साल 24 मार्च को आदेश दिया था कि इमरान के लिए हफ्ते में दो बार मिलने का शेड्यूल फिर से शुरू किया जाए. इमरान खान की बहन ने याचिका में आईएचसी के इसी आदेश का जिक्र किया है.

Alima Khan

Imran Khan Death: दो सालों से अधिक समय से जेल में बद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की ‘हत्या’ की ‘अफवाह’ को लेकर जारी चर्चा के बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (PTI) के प्रमुख की बहन अलीमा खान ने अदियाला जेल सुपरिटेंडेंट और दूसरों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना ​​की याचिका दायर की है.

इमरान खान की बहन अलीमा खान ने आरोप लगाया है कि अदियाला जेल के सुपरिटेंडेंट ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट (IHC) के उस आदेश का पालन नहीं किया, जिसमें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक के लिए हफ्ते में दो बार मुलाकात का शेड्यूल बनाने का निर्देश दिया गया था.

आठवीं बार इमरान खान से मिलने नहीं दिया गया

मीडिया आउटलेट ‘डॉन’ ने शुक्रवार (28 नवंबर) को बताया कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने पीटीआई के कई दूसरे सदस्यों के साथ रावलपिंडी की अदियाला जेल के बाहर रात भर धरना दिया, जहां इमरान खान 2023 से कैद हैं. वहीं अलीमा खान ने याचिका दायर की है. पाकिस्तानी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, अफरीदी को गुरुवार को आठवीं बार इमरान खान से मिलने नहीं दिया गया.

अलीमा खान ने याचिका में अदियाला जेल सुपरिटेंडेंट अब्दुल गफूर अंजुम, सदर बेरोनी स्टेशन हाउस ऑफिस के राजा ऐजाज अजीम, फेडरल इंटीरियर सेक्रेटरी कैप्टन (रिटायर्ड) मुहम्मद खुर्रम आगा और पंजाब होम डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी नूरुल अमीन का नाम शामिल किया है.

IHC ने इसी साल 24 मार्च को आदेश दिया था कि इमरान के लिए हफ्ते में दो बार मिलने का शेड्यूल फिर से शुरू किया जाए. इमरान खान की बहन ने याचिका में आईएचसी के इसी आदेश का जिक्र किया है. अलीमा खान ने मार्च में हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अवमानना ​​की कार्रवाई शुरू करने और उसी हिसाब से सजा देने का अनुरोध किया.

मेरे पिता ज़िंदा हैं इसके सबूत चाहिए

दूसरी ओर इमरान के बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया पर पिता के जिंदा होने के सबूत मांगे और लिखा, “पिछले छह हफ्तों से, उन्हें पूरी तरह से अलग-थलग माहौल में डेथ सेल में रखा गया है. कोर्ट के साफ आदेशों के बावजूद उनकी बहनों को मुलाकात से रोक दिया गया है. कोई फोन कॉल नहीं, कोई मुलाकात नहीं और उनकी खैरियत की कोई खबर नहीं. मैं और मेरा भाई किसी भी तरह से पिता से संपर्क नहीं कर पाए हैं.”

इसके अलावा, कासिम ने आरोप लगाया कि इस स्तर की गोपनीयता कोई नियमित सुरक्षा उपाय नहीं है, बल्कि उनके पिता की हालत छिपाने और परिवार से बातचीत रोकने की जानबूझकर की गई कोशिश है. उन्होंने कहा, “यह साफ कर दें कि पाकिस्तानी सरकार और उसके आका मेरे पिता की सुरक्षा और इस अमानवीय नतीजे के लिए पूरी कानूनी, नैतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी लेंगे.”

इस पूरे मामले में कासिम ने दुनिया के नेताओं, अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों और मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप करने की अपील की है.


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-भारत एक्सप्रेस



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