Indian Students in Tehran: इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच तेहरान में मौजूद भारतीय छात्रों को 148 किलोमीटर दूर क़ोम शहर में पहुंचाया जा रहा है. भारत सरकार ने सोमवार को एक बयान में आश्वासन दिया कि संकटग्रस्त देश के छात्रों को देश के भीतर “सुरक्षित स्थानों” पर भेजा जा रहा है. वहीं 1,500 से ज्यादा भारतीय छात्र, जिनमें से ज्यादातर जम्मू और कश्मीर से हैं, इस समय ईरान में फंसे हुए हैं.
भारत ने ईरान से किया छात्रों के लिए अनुरोध
भारत ने इजरायली बमबारी से प्रभावित शहरों में फंसे अपने देश के छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए ईरान से अनुरोध किया था. जिसके जवाब में तेहरान ने कहा कि हालांकि ईरान के ऊपर हवाई क्षेत्र बंद है, लेकिन भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए सभी भूमि सीमाएं खुली हैं.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा,
मौजूदा स्थिति और देश के हवाई अड्डों के बंद होने के साथ-साथ कई राजनीतिक मिशनों द्वारा अपने राजनयिकों और नागरिकों को विदेश में स्थानांतरित करने के अनुरोध को देखते हुए, हम सूचित करते हैं कि सभी भूमि सीमाएं पार करने के लिए खुली हैं.
बता दें कि कश्मीर के छात्र ईरान के अलग- अलग विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे हैं. जिनमें शहीद बहेश्टी विश्वविद्यालय और ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस शामिल हैं.
इजरायल ने शुरु किया “ऑपरेशन राइजिंग लॉयन”
इजरायल ने शुक्रवार सुबह एक आश्चर्यजनक हमले के साथ “ऑपरेशन राइजिंग लॉयन” शुरू किया, जिसमें ईरान की सैन्य कमान के शीर्ष स्तर को नष्ट कर दिया गया और उसके परमाणु स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया.
ईरान ने हवाई हमलों से जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों देशों ने पिछले चार दिनों में एक-दूसरे पर सैकड़ों मिसाइलें दागीं.
वहीं इजराइल ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में ये अभियान और तेज होगा. वहीं ईरान ने जवाबी कार्रवाई में “नरक के द्वार खोलने” की कसम खाई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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