मिडिल ईस्ट में युद्ध और तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है. खुफिया रिपोर्टों और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के हवाले से यह बात सामने आई है कि ईरान के पास वर्तमान में लगभग 440 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) का विशाल भंडार मौजूद है. रक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि यदि ईरान इस यूरेनियम को 90% तक संवर्धित (Enrich) कर लेता है, तो वह इससे 10 से 12 परमाणु बम आसानी से बना सकता है. यही वह सबसे बड़ा आंकड़ा है जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सबसे बड़े डर को बिल्कुल सच साबित कर दिया है.
क्यों फूली हुई है अमेरिका और इजरायल की सांसें?
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू पिछले लंबे समय से दुनिया को चेतावनी दे रहे थे कि ईरान बेहद गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित करने की कगार पर पहुंच चुका है. इस खतरे को खत्म करने के लिए ही अमेरिका और इजरायल ने कुछ समय पहले ईरान के परमाणु ठिकानों पर बड़े हवाई हमले भी किए थे. लेकिन हालिया खुफिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि उन हमलों में भी ईरान का यह 440 किलो यूरेनियम (Weapons Grade Uranium) पूरी तरह सुरक्षित बच गया, क्योंकि ईरान ने इसे पहाड़ों और जमीन के नीचे बनी बेहद सुरक्षित और गहरी सुरंगों में छिपा कर रखा था. अब यह यूरेनियम अमेरिकी प्रशासन के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है.
क्या होता है 60% और 90% यूरेनियम का खेल?
परमाणु विज्ञान के अनुसार, साधारण बिजली बनाने के लिए यूरेनियम को बहुत कम संवर्धित करने की आवश्यकता होती है. लेकिन ईरान ने अपने सेंट्रीफ्यूज तकनीक की मदद से इस यूरेनियम को 60 प्रतिशत तक संवर्धित कर लिया है, जो कि ‘वेपन्स-ग्रेड’ यानी हथियार बनाने वाले स्तर के बेहद करीब है. 60% से 90% (परमाणु बम के लिए जरूरी स्तर) तक पहुंचने में अब ईरान को बहुत ही कम समय लगेगा. वैज्ञानिकों का कहना है कि ईरान सिर्फ कुछ ही हफ्तों के भीतर इस सामग्री से कई घातक परमाणु हथियार (Nuclear Warheads) तैयार करने की तकनीकी क्षमता रखता है.
ट्रंप की मांग को ईरान ने किया खारिज
इस महाविनाशक खतरे को टालने के लिए पर्दे के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और शांति वार्ता की कोशिशें भी चल रही हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने यह सख्त शर्त रखी है कि यदि वह प्रतिबंधों से राहत चाहता है, तो उसे अपना यह 440 किलो संवर्धित यूरेनियम तुरंत देश से बाहर किसी अन्य देश को सौंपना होगा और अपने मुख्य परमाणु केंद्रों को नष्ट करना होगा.
हालांकि, ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है. ईरान का कहना है कि वह अपने यूरेनियम भंडार को देश से बाहर नहीं भेजेगा. ईरान के इस अड़ियल रुख के बाद इजरायल और अमेरिका में खलबली मची हुई है, क्योंकि बिना इस यूरेनियम को जब्त किए ईरान को परमाणु बम बनाने से रोकना नामुमकिन माना जा रहा है. यदि यह कूटनीतिक बातचीत विफल होती है, तो मध्य पूर्व में एक बार फिर भीषण परमाणु युद्ध के बादल मंडरा सकते हैं.
ये भी पढ़ें: ‘काटना है तो खुद को काटो…लेकिन’: सार्वजनिक कुर्बानी पर भड़के बाल मुकुंद आचार्य, वायरल हुआ वीडियो
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





