ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में ईरान के साथ कोई समझौता करना चाहता है, तो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के प्रति “अपमानजनक लहजे” को छोड़ देना चाहिए.
अराघची ने दी चेतावनी
अराघची ने कहा कि ईरान धमकियों और अपमानों को सहन नहीं करता और यदि ज़रूरत पड़ी, तो वह अपनी वास्तविक क्षमताओं को उजागर करने में कोई हिचकिचाहट नहीं करेगा. उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “ईरानी कालीनों की जटिलता और धैर्य से बुनी गई महानता विश्व प्रसिद्ध है, जो अथक परिश्रम और संयम का प्रतीक हैं. लेकिन एक राष्ट्र के रूप में हमारा सिद्धांत सरल है. हम अपनी क़ीमत जानते हैं, अपनी स्वतंत्रता को महत्व देते हैं, और किसी और को अपनी तक़दीर तय करने की इजाज़त नहीं देते.”
विदेश मंत्री ने आगे लिखा, “अगर राष्ट्रपति ट्रंप वास्तव में किसी समझौते को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता ग्रैंड आयतुल्ला खामेनेई के प्रति अपमानजनक और अस्वीकार्य भाषा को छोड़ देना चाहिए, और उनके लाखों समर्पित अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने से बचना चाहिए.”
उन्होंने यह भी जोड़ा, “महान और शक्तिशाली ईरानी जनता, जिसने दुनिया को दिखा दिया कि इज़राइली शासन को हमारे मिसाइलों से बचने के लिए ‘डैडी’ के पास भागना पड़ा, धमकियों और अपमानों को पसंद नहीं करती. अगर भ्रम ने किसी बड़ी भूल को जन्म दिया, तो ईरान अपनी वास्तविक क्षमताएं दिखाने से नहीं झिझकेगा, जो किसी भी ग़लतफहमी को खत्म कर देगा कि ईरान की शक्ति को कम आंका जा सकता है.” अराघची ने अपने बयान का समापन इन शब्दों से किया, “सद्भावना से सद्भावना जन्म लेती है, और सम्मान से सम्मान.”
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यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता की चर्चाएं चल रही हैं. अमेरिका की व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने गुरुवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन राजनयिक तरीकों और शांति पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और ईरान के साथ लगातार संपर्क में है.
लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “मैंने आज सुबह हमारे विशेष दूत विटकॉफ से लंबी बातचीत की और मैं यह आश्वस्त कर सकती हूं कि हम ईरानियों से और उनके माध्यमों से, विशेष रूप से क़तरियों के जरिए, लगातार संपर्क में हैं. क़तर ने इस पूरी प्रक्रिया में एक बेहतरीन सहयोगी और साझेदार की भूमिका निभाई है. जैसा कि मैंने कहा, यह प्रशासन हमेशा कूटनीति और शांति पर केंद्रित रहता है, और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम ऐसे स्तर तक पहुंचें जहां ईरान एक गैर-संवर्धन (non-enrichment) नागरिक परमाणु कार्यक्रम को स्वीकार करे.”
-भारत एक्सप्रेस
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