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ट्रंप की ‘शर्त’ से लेकर शरीफ के ‘शुक्राना’ तक, जानें सीजफायर पर दुनिया के बड़े नेताओं का क्या रहा रिएक्शन?

मिडिल ईस्ट में 40 दिन के तनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी. ट्रंप, ईरान, इजराइल और पाकिस्तान समेत दुनिया के नेताओं ने इस फैसले पर अहम प्रतिक्रियाएं दीं…

Who Said What on Ceasefire: मिडल-ईस्ट की धरती पर पिछले 40 दिनों से बरस रहे बारूद और मिसाइलों के शोर के बीच आखिरकार कूटनीति की जीत होती नजर आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के ‘हथियार बंद’ युद्धविराम के ऐलान ने पूरी दुनिया को बड़ी राहत दी है. इस ऐतिहासिक फैसले के बाद न केवल युद्ध के मैदान में खामोशी छाई है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने भी चैन की सांस ली है.

बता दें कि इस सीजफायर को लेकर जहां अमेरिका ने सख्त शर्तें रखी हैं, वहीं ईरान ने भी कड़े रुख के बाद समझौते की मेज पर आने की रजामंदी दी है. पाकिस्तान की मध्यस्थता और वैश्विक दबाव के बीच अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह अस्थायी शांति क्या स्थायी समाधान में बदल पाएगी.

डोनाल्ड ट्रंप: दो हफ्ते की मोहलत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्धविराम का श्रेय पाकिस्तान के साथ हुई कूटनीतिक चर्चा को दिया है. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से बातचीत के बाद उन्होंने ईरान पर होने वाले ‘विनाशकारी’ हमलों को रोकने का फैसला किया है.

उन्होंने कहा कि यदि ईरान तुरंत और सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने पर सहमत होता है, तो वे दो सप्ताह के सीजफायर के लिए तैयार हैं. ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह समय पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान और समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पर्याप्त होगा.

अब्बास अराघची: सुरक्षा गारंटी की मांग

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर इस कूटनीतिक जीत की जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के अनुरोध पर ईरान इस समझौते के प्रस्ताव को स्वीकार कर रहा है. अराघची ने भरोसा दिलाया कि यदि ईरान पर हमले रुकते हैं, तो उनकी सेनाएं भी रक्षात्मक अभियान बंद कर देंगी.

उन्होंने तकनीकी सीमाओं का ध्यान रखते हुए दो सप्ताह की अवधि के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन की अनुमति देने पर सहमति जताई है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बड़ी राहत है.

बेंजामिन नेतन्याहू: शर्तों के साथ ट्रंप का समर्थन

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है, लेकिन उनकी शर्तों में कोई ढील नहीं दिखी. नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल हमले निलंबित करने का समर्थन तभी करेगा, जब ईरान तुरंत जलडमरूमध्य खोल दे और इजराइल व उसके सहयोगी देशों पर अपने सभी हमले पूरी तरह बंद कर दे.

साथ ही इजराइली पीएम का यह रुख साफ करता है कि दो हफ्तों का यह समय केवल एक ‘टेस्ट’ की तरह है, जिसमें ईरान की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी.

शहबाज शरीफ: इस्लामाबाद में महा-मंथन का न्योता

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस सीजफायर के बाद सबसे ज्यादा उत्साहित नजर आ रहे हैं. उन्होंने इसे एक ‘दूरदर्शी कदम’ बताते हुए दोनों देशों के नेतृत्व का आभार व्यक्त किया. शरीफ ने न केवल लेबनान और अन्य युद्ध क्षेत्रों में तत्काल युद्धविराम का स्वागत किया, बल्कि एक कदम आगे बढ़ते हुए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है. उनका लक्ष्य इस अस्थायी सीजफायर को एक ‘निर्णायक और स्थायी समझौते’ में बदलना है.

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वैश्विक प्रतिक्रिया: शांति की ओर बढ़ते कदम का स्वागत

इस कड़ी में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शत्रुता के तत्काल अंत को मानवीय पीड़ा कम करने के लिए अनिवार्य बताया और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का आग्रह किया. ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज और विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी करार दिया.

वहीं, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स और मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम ने भी इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव न केवल इस क्षेत्र के लिए बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए एक शुभ संकेत है.

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-भारत एक्सप्रेस



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