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अचानक बदला ईरान का मन! सामने अमेरिका से ‘सीक्रेट बातचीत’ का सच

Iran US Ready for Talks: क्या जंग के मुहाने पर खड़े ईरान ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं या यह कोई नई कूटनीतिक चाल है? तेहरान ने अचानक भेजा ‘बातचीत’ का प्रस्ताव, लेकिन ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ा दी दुनिया की धड़कनें; पढ़ें पूरी खबर

Iran US Ready for Nuclear Talks Foreign Minister Araghchi Confirms Dialogue Amidst Trump Warning

Iran US Ready for Talks: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. ईरान ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि वह अमेरिका के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए तैयार है. ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि तेहरान कूटनीति के दरवाजे बंद नहीं करना चाहता. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यह बातचीत एकतरफा शर्तों पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान के आधार पर होनी चाहिए. दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने खुलासा किया है कि अमेरिकी प्रतिनिधि विटकॉफ के साथ बातचीत का दौर चल रहा है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने भी इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि बातचीत (Iran US Relations) का रास्ता खुला है, लेकिन यह आपसी हितों और चिंताओं की स्वीकार्यता पर आधारित होना चाहिए.

फोन आया था- डोनाल्ड ट्रंप का दावा (Donald Trump On Iran US Policy)

ईरान के इस नरम रुख पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने खुद फोन करके बातचीत की इच्छा जताई है. ट्रंप ने अपने खास अंदाज में कहा कि मुझे लगता है कि वे अमेरिका से मार खा-खाकर थक चुके हैं, इसलिए अब वे बातचीत करना चाहते हैं. ट्रंप ने पुष्टि की कि दोनों देशों के बीच बैठक की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी कि ईरान में जारी हिंसा और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को देखते हुए अमेरिका को बातचीत से पहले कार्रवाई भी करनी पड़ सकती है.

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जंग और सुलह: दोनों विकल्पों के लिए तैयार (Iran US Conflict)

तेहरान भले ही ईरान ने बातचीत की मेज पर आने की इच्छा जताई हो, लेकिन उसने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं. विदेश मंत्री अरागची ने साफ शब्दों में कहा कि हम सम्मानजनक तरीके से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर नौबत आई तो हम युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं. इसके साथ ही अरागची ने देश में चल रहे प्रदर्शनों का ठीकरा अमेरिका और इजरायल पर फोड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले विदेशी ताकतों द्वारा समर्थित ‘आतंकी’ हैं.



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