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राहुल गांधी का कर्नाटक दौरा, सियासी खींचतान के बीच सीएम सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डिके शिवकुमार के साथ पहली मीटिंग

Karnataka Politics: कर्नाटक में सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच सियासी खींचतान लंबे समय से जारी है. नवंबर-दिसंबर में आलाकमान को दखल देना पड़ा था. अब राहुल गांधी के दौरे पर दोनों नेताओं की पहली मीटिंग होगी.

Karnataka Politics: आज कर्नाटक दौरे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी रहेंगे. उनका कार्यक्रम दोपहर करीब ढाई बजे मैसूर पहुंचने का है. मैसूर एयरपोर्ट पर सीएम सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डिके शिवकुमार खुद मौजूद रहेंगे और उनका स्वागत करेंगे. मैसूर दौरे के बाद राहुल गांधी तमिलनाडु के निलगिरी के गुडालूर जाएंगे. यहां वह सेंट थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल के गोल्डन जुबली समारोह में शामिल होंगे. इसके साथ ही वो स्कूल में आयोजित पोंगल उत्सव का हिस्सा भी बनेंगे.

राहुल गांधी का गुडालूर से कैसा रिश्ता?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी सितंबर 2022 में अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान गुडालूर पहुंचे थे. उस दौरे में उन्होंने स्थानीय समर्थकों को संबोधित किया और सभा में शामिल होकर लोगों से बात भी की थे. कर्नाटक रवाना होने से पहले उन्होंने गुडालूर के एक निजी स्कूल में रात बिताई थी.

सियासी खींचतान के बीच मीटिंग

कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच लंबे समय से खींचतान बनी हुई है. दोनों नेता सार्वजनिक तौर पर इस विवाद से इनकार करते हैं और कहते हैं कि अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान ही करेगा. पिछले साल नवंबर-दिसंबर में यह तनाव इतना बढ़ गया था कि आलाकमान को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा. हालात को सामान्य दिखाने के लिए दोनों नेताओं को एक-दूसरे के घर जाकर नाश्ता करने तक कहा गया ताकि यह संदेश दिया जा सके कि सबकुछ ठीक है.

ढाई साल का फॉर्मूला

मई 2023 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद यह दावा किया गया था कि ढाई साल का फॉर्मूला तय हुआ था. इसमें पहले ढाई साल सिद्धारमैया सीएम रहते और बाद के ढाई साल शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाता. नवंबर 2025 में जब सिद्धारमैया की सरकार को ढाई साल पूरे हुए तो शिवकुमार समर्थक विधायकों ने दिल्ली में डेरा डालकर उन्हें सीएम बनाने की मांग की थी.

सीक्रेट डील का विवाद

शिवकुमार ने उस दौरान सीक्रेट डील की बात कही थी जिससे विवाद और बढ़ गया. उन्होंने दावा किया था कि सरकार बनने से पहले 5-6 लोगों के बीच गुप्त समझौता हुआ था. कांग्रेस ने कभी आधिकारिक तौर पर इस फॉर्मूले का जिक्र नहीं किया लेकिन शिवकुमार के बयान ने अटकलों को हवा दे दी.

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फिलहाल खींचतान उतनी तीखी नहीं है जितनी नवंबर-दिसंबर में थी लेकिन तनाव अब भी बरकरार है. इसी पृष्ठभूमी में आज राहुल गांधी की मीटिंग अहम मानी जा रही है क्योंकि यह खींचतान के बाद उनकी पहली बैठक होगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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