US Israel Iran conflict: गुरुवार रात इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मीडिया के सामने आकर ईरान के साथ चल रही जंग पर खुलकर बात की. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान के पास न तो यूरेनियम संवर्धन की क्षमता है और न ही बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने की ताकत. शुरुआत में उन्होंने इजरायल के नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा,
“मेरे भाइयों और बहनों, मुझे आप पर गर्व है. मैं जानता हूं कि सुरक्षा कक्षों और आश्रय स्थलों में समय बिताना कितना कठिन है. बच्चों, स्कूलों और कारोबारियों की मुश्किलें मैं समझता हूं. बुजुर्गों और आरक्षित सैनिकों के लिए यह दौर बेहद कठिन है. सरकार हर दिन आपके लिए हालात आसान बनाने की कोशिश कर रही है.”
नेतन्याहू ने कहा कि सरकार व्यवसायियों, कर्मचारियों और सैनिकों के परिवारों को राहत देने के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश कर रही है. उन्होंने साफ किया कि आर्थिक मोर्चे पर और अधिक निवेश की जरूरत है ताकि लोगों को पर्याप्त मुआवज़ा मिल सके.
— Government Press Office 🇮🇱 (@GPOIsrael) March 19, 2026
ईरान युद्ध के तीन लक्ष्य
नेतन्याहू ने बताया कि इस लड़ाई के तीन बड़े मकसद हैं:
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना.
- ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को नष्ट करना.
- ऐसी परिस्थितियां बनाना जिससे ईरानी जनता अपने भविष्य का फैसला खुद कर सके.
उन्होंने कहा कि इजरायल की गर्जना पूरी दुनिया में गूंज रही है.
“हम शेरों और शेरनियों की तरह लड़ रहे हैं. दुनिया जानती है कि हम पीछे हटने वाले नहीं हैं.”
ईरान को धूल में मिलाने का दावा
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान बार-बार अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को पुनर्जीवित करने की कोशिश करता है, लेकिन इजरायल उन्हें कुचलकर धूल में मिला देगा. उन्होंने बताया कि अमेरिका के साथ मिलकर इजरायल ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने दावा किया कि अयातुल्ला खामेनेई, रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष नेताओं और कई बड़े अधिकारियों को मार गिराया गया है. हाल ही में कुख्यात अली लारीजानी और खुफिया मंत्री को भी खत्म कर दिया गया.
मिसाइलें और लॉन्चर तबाह
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक सैकड़ों मिसाइलें और लॉन्चर नष्ट किए जा चुके हैं. इजरायल ने ईरान के ठिकानों पर लगातार हमले किए हैं. उन्होंने कहा कि चाहे नए कमांडर आएं या पुराने, इजरायल यह सुनिश्चित करेगा कि उनकी ताकत टिक न पाए.
मौत की अफवाहों पर जवाब
जंग के बीच नेतन्याहू की मौत की अफवाहें भी फैलीं. इस पर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
“सबसे पहले मैं बता दूं कि मैं जिंदा हूं. यह जंग हम जीत रहे हैं और ईरान बर्बादी की ओर बढ़ रहा है. बीते 20 दिनों में हमने बड़ी सफलता हासिल की है.”
ट्रंप पर बयान
नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कहा कि ट्रंप अपना फैसला खुद लेते हैं.
“हमने उन्हें युद्ध में नहीं धकेला. इजरायल और अमेरिका का तालमेल मजबूत है. यह कहना फेक न्यूज है कि हमने अमेरिका को ईरान के खिलाफ लड़ाई में घसीटा. कोई भी ट्रंप को आदेश नहीं दे सकता.”
इजरायल के शहर सुरक्षित
उन्होंने याद दिलाया कि युद्ध की शुरुआत में कहा जा रहा था कि तेल अवीव, यरुशलम और हाइफा में टावर गिर जाएंगे. लेकिन असल में टावर तेहरान और अन्य जगहों पर गिरे. इजरायल ने मजबूत सुरक्षा घेरा बनाया और दुश्मन की योजनाओं को नाकाम कर दिया.
नेतन्याहू का संदेश साफ था कि इजरायल पीछे हटने वाला नहीं है. उनका दावा है कि ईरान की ताकत को काफी हद तक कम कर दिया गया है और आने वाले दिनों में इसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इजरायल अपने नागरिकों की सुरक्षा और भविष्य के लिए हर कदम उठाएगा.
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