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ईरान में दोहरा शोक! हमले में खामेनेई के बाद पत्नी ने भी तोड़ा दम, पर्दे के पीछे रहकर संभालती थीं पूरा कुनबा

Ayatollah Ali Khamenei Wife Death: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह के देहांत की खबर सामने आई है.

Ayatollah Ali Khamenei and wife Mansoureh Khozasteh

Ayatollah Ali Khamenei Wife Death: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह (Mansoureh Khojasteh Bagherzadeh) के निधन की खबर सामने आई है. ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, हालिया संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों के दौरान घायल हुईं मंसूरेह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि हमलों में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिनसे वे उबर नहीं सकीं.

मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का जन्म 1947 में मशहद में एक प्रतिष्ठित धार्मिक परिवार में हुआ था. उनके पिता आयतुल्लाह मोहम्मद बघेर खोझस्तेह शहर के जाने-माने धर्मगुरु थे. धार्मिक और पारंपरिक परिवेश में पली-बढ़ीं मंसूरेह ने कम उम्र से ही सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाई, जो आगे चलकर भी उनके व्यक्तित्व की पहचान बनी रही.

खामेनेई से कब हुई थी शादी? (Ayatollah Ali Khamenei Marriage) 

मंसूरेह ने वर्ष 1964 में अयातुल्ला अली खामेनेई से विवाह किया. उस समय खामेनेई एक युवा धर्मगुरु के रूप में सक्रिय थे और ईरान में धार्मिक गतिविधियों में भाग ले रहे थे. मशहद में पारंपरिक इस्लामी रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ यह विवाह उस दौर में हुआ जब देश में राजनीतिक और धार्मिक उथल-पुथल का वातावरण था. विवाह के बाद भी मंसूरेह ने सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखी और हमेशा पर्दे के पीछे रहकर परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी.

सार्वजनिक मंचों से अलग खुद की पहचान (Mansoureh Khozasteh biography)

सर्वोच्च नेता की पत्नी होने के बावजूद उन्होंने राजनीति या सार्वजनिक मंचों पर कभी सक्रिय भूमिका नहीं निभाई. उनका दायरा मुख्य रूप से परिवार, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक कार्यों तक सीमित रहा. उन्हें लो-प्रोफाइल और सादगीपूर्ण जीवन के लिए जाना जाता था.


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मंसूरेह और खामेनेई के छह बच्चे हैं, जिनमें चार बेटे और दो बेटियां शामिल हैं. पूरा परिवार आमतौर पर मीडिया की सुर्खियों से दूर रहता है और निजी जीवन को सार्वजनिक चर्चा से अलग रखने की कोशिश करता रहा है.

उनका निधन ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है. मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह को ईरान के धार्मिक-राजनीतिक ढांचे का एक महत्वपूर्ण लेकिन पर्दे के पीछे रहने वाला चेहरा माना जाता है.

-भारत एक्सप्रेस



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