रिपोर्ट- रवि
Ayatollah Ali Khamenei India connection: उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के ऐतिहासिक गांव किंतूर में नागरिक समाज की ओर से ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर एक शोकसभा का आयोजन किया गया. सभा में वक्ताओं ने उन्हें इस्लामी एकता, धैर्य और साम्राज्यवाद-विरोधी संघर्ष का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से युद्ध और हस्तक्षेप की राजनीति छोड़कर संवाद व शांति का मार्ग अपनाने की अपील की.
बाराबंकी से पुराना ताल्लुक (Ayatollah Khamenei India connection)
वक्ताओं ने कहा कि किंतूर गांव का संबंध आयतुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के पारिवारिक इतिहास से जुड़ा रहा है. बताया गया कि उनके दादा सैयद अहमद मुसवी हिंदी का जन्म इसी क्षेत्र में हुआ था, जिन्होंने 19वीं शताब्दी में ईरान जाकर इस्लामी विद्वता की परंपरा को मजबूत आधार दिया. इसी आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए खुमैनी ने 1979 की इस्लामी क्रांति का नेतृत्व किया और बाद में खामेनेई ने उनके उत्तराधिकारी के रूप में ईरान को स्वतंत्र और इस्लामी मूल्यों पर आधारित राष्ट्र के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया.
खामेनेई का निधन अपूरणीय क्षति- वक्ता
सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि खामेनेई ने फिलिस्तीन, लेबनान और अन्य उत्पीड़ित राष्ट्रों के समर्थन में लगातार आवाज उठाई और न्यायपूर्ण शांति की वकालत की. वक्ताओं के अनुसार, उनका निधन न केवल ईरान बल्कि व्यापक मुस्लिम जगत और शांतिप्रिय देशों के लिए अपूरणीय क्षति है.
संयुक्त राष्ट्र की मांग
नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने अमेरिकी साम्राज्यवाद और युद्ध की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक शांति के लिए संवाद, कूटनीति और अहिंसा ही एकमात्र स्थायी रास्ता है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र समेत अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की पहल करने की मांग की.
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नेता की आत्मा की शांति
इस अवसर पर किंतूर गांव के सफदर अब्बास काजमी, असद काजमी, निहाल अहमद, डॉ. रेहान काजमी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे. प्रमुख रूप से आलोक सिंह, अजहर फैज खान, मनोज तिवारी, ऊषा विश्वकर्मा, रोहित कश्यप, पूजा, लक्ष्मी, अनु, आयशा, मोइन खान, शाश्वत पांडे और समीर हाशमी ने शोक व्यक्त किया और ईरानी राष्ट्र के प्रति एकजुटता प्रकट की. सभा के अंत में दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई तथा क्षेत्र और विश्व में स्थायी शांति, न्याय और भाईचारे की कामना की गई.
-भारत एक्सप्रेस
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