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Ayatollah Ali Khamenei

Khamenei funeral: ईरान और इराक के बीच 8 साल का युद्ध आधुनिक इतिहास के सबसे विनाशकारी संघर्षों में गिना जाता है. अब अयातुल्ला अली खामेनेई के पार्थिव शरीर इराक ले जाने की खबर ने दोनों देशों के बदले रिश्तों को फिर चर्चा में ला दिया है.

ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद वायरल हो रही उनकी 'अंतिम तस्वीर' पूरी तरह फर्जी है. एआई डिटेक्शन टूल्स और जांच में यह तस्वीर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा बनाई गई साबित हुई है.

Ayatollah Ali Khamenei: ईरान के सर्वोच्च नेता के चुनाव की प्रक्रिया काफी जटिल और अनोखी है. इस पद पर एक बार कोई व्यक्ति बैठ जाए तो उसके साथ यह आजीवन रहता है, जबतक कि उस नेता की मौत, इस्तीफा या वह अक्षम ना हो जाए.

Ayatollah Ali Khamenei Wife Death: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह के देहांत की खबर सामने आई है.

Ayatollah Ali Khamenei India connection: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के ऐतिहासिक गांव किंतूर में नागरिक समाज की ओर से आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर शोकसभा आयोजित की गई.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद देश दो विपरीत ध्रुवों में बंटा नजर आ रहा है. जहां सरकारी तंत्र में 40 दिनों के शोक का मातम है, वहीं सड़कों पर आम जनता और युवा आजादी का जश्न मना रहे हैं.

Iran Anti Khamenei Protests: ईरान की सड़कों पर आज जो मंजर है, उसने 1979 की क्रांति की यादें ताजा कर दी हैं. सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ जनता का गुस्सा इतना बढ़ गया है कि अब पुलिसवालों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा जा रहा है. क्या यह एक इस्लामिक रिपब्लिक का अंत है?

विशेषज्ञों की माने तो वली-ए-अम्र सिर्फ एक बॉडीगार्ड यूनिट नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता की रीढ़ है. अगर खामेनेई के साथ कुछ भी होता है, तो यही फोर्स सत्ता के केंद्र को तुरंत नियंत्रण में ले लेगी. ऐसे में तेहरान में घुसकर खामेनेई को अगुवा करना अगर अमेरिका चाहता है तो यह कागजों पर आसान हो सकता है लेकिन अगर सच में ऐसा होता है तो ईरानी फोर्स के सामने नाको चने चबाना पड़ सकता है.

लगभग 10 दिन से इजरायल और ईरान युद्ध के मैदान में हैं. 13 जून को ईरान में परमाणु और सैन्य स्थलों समेत कई ठिकानों पर इजरायली हमले हुए, जिनमें कई वरिष्ठ कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए.

बढ़ती अशांति के बीच, ट्रंप ने अपने पुराने रुख को दोहराया है. उनका कहना है कि ईरान को अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर अमेरिका के साथ कूटनीतिक बातचीत करनी चाहिए.