Balochistan News: भारत में आतंकी गतिविधियां फैलाने वाले पाकिस्तानी सेना परस्त आतंकी संगठनों के निशाने पर अब बलूचों की जमीन है. अब लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन अब बलूचिस्तान में अपना पैर फैलाना चाहते हैं.
खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) बलूचिस्तान में अपने नेटवर्क को मजबूत करने और अपना ठिकाना स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.
Balochistan में बढ़ाना चाहते हैं अपना प्रभाव
सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में इन संगठनों की गतिविधियों और मूवमेंट से संकेत मिल रहे हैं कि बलूचिस्तान में उनका प्रभाव बढ़ाने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है. बलूचिस्तान में पहले से ही अलगाववादी समूहों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष जारी है. ऐसे में इन आतंकी संगठनों की मौजूदगी, हालात को और भी बिगाड़ सकती है.
लश्कर और जैश उठाना चाहते हैं Balochistan का फायदा
रिपोर्ट्स के अनुसार लश्कर और जैश बलूचिस्तान की अस्थिरता का फायदा उठाकर स्थानीय युवाओं की भर्ती करना चाहते हैं और इस क्षेत्र का इस्तेमाल अफगानिस्तान और ईरान की सीमाओं तक अपने ऑपरेशनों के लिए करना चाहते हैं.
BLA को काउंटर करने के लिए पाक सेना का प्रयोग
कुछ रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को बलूचिस्तान में भेजने का काम खुद पाकिस्तानी आर्मी कर रही है. उनका मानना है कि पाकिस्तानी सेना को आए दिन बलूच लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों से लोहा लेना पड़ता है. जिसमें अबतक कई पाकिस्तानी सैनिक शहीद हो चुके हैं. पाकिस्तानी सेना अब बलूच लिबरेशन आर्मी को काउंटर करने के लिए अपने पाले हुए आतंकी संगठनों को भेज रही है. ताकि दीन और कौम का तड़का देकर बलूच लिबरेशन आर्मी को मिल रहे जनसमर्थन को रोका जा सके.
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन प्रयासों पर जल्द रोक नहीं लगाई गई तो इससे पाकिस्तान के लिए सुरक्षा संबंधी चुनौतियां कई गुना बढ़ जाएंगी और बलूचिस्तान की स्थिति और अधिक अस्थिर हो सकती है. फिलहाल पाकिस्तान के सुरक्षा प्रतिष्ठान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन खुफिया एजेंसियों ने इसे गंभीर खतरा माना है.
– भारत एक्सप्रेस
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