Urdu Conclave 2026

नेतन्याहू ने पीएम मोदी को क‍िया फोन, रणनीतिक साझेदारी और पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों को लेकर बात हुई.

भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक रिश्तों को आगे बढ़ाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच अहम बातचीत हुई है. गुरुवार को दोनों नेताओं ने फोन पर बात की, जिसमें पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई.

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह बातचीत प्रधानमंत्री मोदी को नेतन्याहू की ओर से किए गए फोन कॉल के दौरान हुई. दोनों नेताओं ने भारत और इजरायल के बीच चल रही विशेष रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और इस बात पर सहमति जताई कि आने वाले समय में दोनों देश आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाएंगे.

बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों को लेकर भी दोनों प्रधानमंत्रियों ने अपने-अपने विचार साझा किए. इसके अलावा दोनों नेताओं ने भविष्य में भी लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई, ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आपसी तालमेल कायम रखा जा सके.

तीन दशक में मजबूत हुआ भारत-इजरायल का रिश्ता

भारत और इजरायल के संबंध पिछले करीब तीन दशकों में काफी मजबूत हुए हैं. दोनों देशों के बीच सहयोग अब सिर्फ कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, खुफिया जानकारी साझा करने और कृषि तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी लगातार विस्तार हुआ है.

रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी को खास महत्व दिया जाता है. वहीं, कृषि और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में इजरायल की विशेषज्ञता का भारत को भी फायदा मिला है. दोनों देश कई ऐसे क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं, जहां भविष्य में सहयोग की और संभावनाएं मौजूद हैं.

हालांकि, राजनीतिक और सुरक्षा संबंधों में मजबूती के बावजूद दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग अभी अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाया है. इसी को देखते हुए भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर चल रही बातचीत को काफी अहम माना जा रहा है.

एफटीए से बढ़ सकती हैं आर्थिक संभावनाएं

भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो रही है. नवंबर 2025 में तय किए गए टर्म्स ऑफ रेफरेंस के तहत 20 से 23 जुलाई तक नई दिल्ली में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता हुई. इसे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है.

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भी इस समझौते को लेकर उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के रिश्ते केवल रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं और एफटीए दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है.

इससे पहले फ्रेंडशिप डे के मौके पर भारत में इजरायली दूतावास ने दोनों देशों की दोस्ती को याद करते हुए एक संदेश साझा किया था. दूतावास ने कहा कि भारत और इजरायल के रिश्ते भरोसे और मुश्किल समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की भावना पर आधारित हैं.

दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू की मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं. पोस्ट में भारत और इजरायल के बीच 34 वर्षों की दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा गया कि दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं.

ये भी पढ़ें- अखिलेश यादव का ब्राम्हण कार्ड: कौन हैं पवन पांडे? जिन्हें आयोध्या से बनाया उम्मीदवार

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read