China reveals mosquito sized drone
ड्रोन टेक्नोलॉजी ने पिछले कुछ सालों में जो प्रगति की है, वो किसी साइंस फिक्शन फिल्म से कम नहीं लगती. लेकिन अब चीन ने जो किया है, वो वाकई हैरान कर देने वाला है. चीन एक ऐसा माइक्रो ड्रोन बनाने की तैयारी में है, जो मच्छर से भी छोटा होगा. सोचिए, एक ऐसा ड्रोन जो आपकी आंखों से छिपा रह सके और आपकी बातचीत, मूवमेंट, यहां तक कि पासवर्ड तक चुरा ले.
हाल ही में चीन की सरकारी मीडिया ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वैज्ञानिक हाथ में एक बेहद छोटा, मच्छर जैसे दिखने वाला ड्रोन पकड़े नजर आए. ये कोई खिलौना नहीं, बल्कि चीन की अगली जासूसी तकनीक हो सकती है. दावा है कि ये माइक्रो ड्रोन सैन्य अभियानों के साथ-साथ उन मिशनों में भी काम आएंगे जहां बेहद गोपनीयता की जरूरत होती है.
इस तकनीक को लेकर दुनिया के कई सुरक्षा विशेषज्ञ चिंतित हैं. उनका कहना है कि इतने छोटे आकार का ड्रोन आसानी से किसी भी व्यक्ति या जगह तक पहुंच सकता है और वो भी बिना पकड़े गए.
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China’s newly developed mosquito drone. Just 0.6cm sized. I can see a lot of intelligence gathering from this.
Also a bunch of exoskeleton & humanoid robot stuff going on in this lab. pic.twitter.com/kjGRDEusz7
— tphuang (@tphuang) June 25, 2025
पासवर्ड से लेकर वायरस तक कई खतरे
अमेरिका में रक्षा मामलों के विशेषज्ञ टिमोथी हीथ ने चेतावनी दी है कि इस तरह के ड्रोन का इस्तेमाल निजी जानकारी चुराने के लिए किया जा सकता है जैसे आपका फोन पासवर्ड या बैंक डिटेल.
जैविक हमलों का भी बन सकता है जरिया
वहीं गूगल के साथ काम कर चुकी टेक्नोलॉजिस्ट ट्रेसी फॉलोज ने इससे जुड़े एक और खतरे की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि ऐसे माइक्रो ड्रोन से खतरनाक केमिकल या वायरस भी ट्रांसपोर्ट किए जा सकते हैं. यानी बात सिर्फ जासूसी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीक जैविक हमलों का जरिया भी बन सकती है.
पहचानना नामुमकिन, रोकना मुश्किल
सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ये ड्रोन मच्छर जैसे दिखते हैं और उतने ही छोटे होते हैं. ऐसे में किसी आम व्यक्ति के लिए इन्हें पहचानना लगभग नामुमकिन है. सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी इन्हें ट्रैक कर पाना आसान नहीं होगा. इस बात को लेकर दुनियाभर के साइबर और मिलिट्री एक्सपर्ट्स अब चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले समय में यह तकनीक बड़ी सुरक्षा चुनौती बन सकती है. इसका इस्तेमाल सिर्फ चीन ही नहीं, कोई भी देश या संगठन कर सकता है.
– भारत एक्सप्रेस
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