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सुपरपावर बनने की रेस में उत्तर कोरिया! ऑटोमैटिक फायर कंट्रोल और गाइडेड मिसाइलों के दम पर किम जोंग ने बढ़ाई सेना की ताकत

Kim Jong Un Military Modernization: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी ताकत को और बढ़ाने के लिए देश की तोपखाना और मिसाइल ताकत को आधुनिक बनाने का काम शुरू कर दिया. गुरुवार को अपग्रेडेड तोपखाना और मिसाइलों का परीक्षण किया गया.

Kim Jong Un Military Modernization

Kim Jong Un Military Modernization

Kim Jong Un Military Modernization: इधर ईरान युद्ध ने अमेरिका के नाक में दम कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसे-तैसे करके ईरान के साथ समझौता किये. तभी दूसरी तरफ उत्तर कोरिया ने आंख दिखाना शुरू कर दिया है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी ताकत को और बढ़ाने के लिए देश की तोपखाना और मिसाइल ताकत को आधुनिक बनाने का काम शुरू कर दिया.

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के मुताबिक गुरुवार को अपग्रेडेड तोपखाना और मिसाइलों का परीक्षण किया गया. इनमें 240 मिमी कैलिबर का 24-ट्यूब मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल और 155 मिमी सेल्फ-प्रोपेल्ड गगन-होवित्जर के लंबे रेंज वाले गोले शामिल थे.

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, अपग्रेड किए गए रॉकेट लॉन्चर सिस्टम में ऑटोमैटिक फायर कंट्रोल सिस्टम और खुद लक्ष्य तक पहुंचने वाली सटीक गाइडेंस तकनीक लगाई गई है. इसकी मारक क्षमता अब बढ़कर 90 किलोमीटर हो गई है. वहीं, टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल में ऐसा खास वारहेड लगाया गया है, जिसे दुश्मन के बड़े ठिकानों जैसे हवाई अड्डों, बंदरगाहों और बिजली संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 155 मिमी गन-होवित्जर के 65 किलोमीटर तक मार करने वाले नए गोले का सफल परीक्षण सैन्य दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है.

अपनी सैन्य ताकत को बना रहा आधुनिक

वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव और डीपीआरके (उत्तर कोरिया) के राज्य मामलों के अध्यक्ष किम जोंग उन ने कहा कि ये परीक्षण इस बात का सबूत हैं कि उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने में बड़ी तकनीकी प्रगति की है. उन्होंने कहा कि अब हथियारों को और अधिक स्वचालित, लंबी दूरी तक मार करने वाला और बेहद सटीक बनाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि देश की आत्मरक्षा नीति सिर्फ अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए नहीं है, बल्कि इतनी ताकतवर और विनाशकारी हमला करने की क्षमता विकसित करने के लिए भी है कि कोई भी दुश्मन उत्तर कोरिया का सामना करने की हिम्मत न करे. उनके मुताबिक, यही देश की रक्षा नीति और सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा है.

मंगलवार को युद्धपोत चोए ह्योन हुआ नौसेना में शामिल

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले मंगलवार को किम जोंग उन ने नाम्फो बंदरगाह पर उत्तर कोरिया के नए बहुउद्देश्यीय युद्धपोत ‘चोए ह्योन’ के आधिकारिक रूप से नौसेना में शामिल होने के समारोह में भी हिस्सा लिया.

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 14 महीने तक चले परीक्षणों के बाद इस युद्धपोत की सभी क्षमताओं का आकलन किया गया और फिर इसे आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल कर लिया गया.

उत्तर कोरिया अपनी सैन्य क्षमता में कर रहा बड़ा बदलाव

किम जोंग उन ने कहा कि उत्तर कोरिया की नौसेना में हो रहा बदलाव सिर्फ बड़े जहाजों या नई तकनीक तक सीमित नहीं है.

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उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब नौसेना की भूमिका, जिम्मेदारियां और उसके संचालन का क्षेत्र पहले से अलग और कहीं ज्यादा व्यापक हो गया है. इसी वजह से भविष्य में उसके परिणाम भी अलग और अधिक प्रभावशाली होंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया की नौसेना अब ऐसी आधुनिक सैन्य शाखा बन रही है, जो रणनीतिक हथियारों से लैस है.

-भारत एक्सप्रेस



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