बाढ़/रविशंकर शर्मा: बिहार के पटना के बाढ़ जिले के रूपस गांव निवासी शशिकांत, जो करीब 40 वर्षों से चेक गणराज्य में रह रहे हैं, उनकी बेटी ने वहीं के एक युवक से विवाह किया. पहले दोनों की शादी चेक गणराज्य में वेस्टर्न रीति-रिवाज से संपन्न हुई. इसके बाद परिवार की इच्छा पर दूल्हा-दुल्हन भारतीय सनातन परंपरा के अनुसार अग्नि के सात फेरे लेने के लिए गांव पहुंचे. चलिए जानते है पूरा ममला:
विदेशी दूल्हे के स्वागत में उमड़ा गांव
बाढ़ अनुमंडल के रूपस गांव में उस समय उत्सुकता का माहौल बन गया जब चेक गणराज्य से एक विदेशी दूल्हा अपने ससुराल पहुंचा. दूल्हे को देखने के लिए न सिर्फ गांव बल्कि आसपास के कई गांवों से भी लोग जुट गए. ग्रामीणों के लिए यह नजारा बिल्कुल नया और खास था, इसलिए शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई.
चेक गणराज्य में हुई थी वेस्टर्न शादी
दुल्हन के पिता शशिकांत करीब 40 वर्ष पहले चेक गणराज्य में जाकर बस गए थे. वहीं उनकी बेटी की परवरिश हुई और उसने चेक के ही एक युवक से शादी करने का फैसला किया. दोनों की शादी पहले चेक गणराज्य में वेस्टर्न रीति-रिवाज से संपन्न हुई. शादी में दूल्हे के परिवार और रिश्तेदार शामिल हुए और पारंपरिक पश्चिमी अंदाज में विवाह की रस्में पूरी की गईं.
भारतीय परंपरा निभाने गांव पहुंचे नवदंपती
परिवार की इच्छा थी कि विवाह भारतीय सनातन परंपरा के अनुसार भी संपन्न हो. इसी वजह से दूल्हा-दुल्हन अग्नि के सात फेरे लेने के लिए रूपस गांव पहुंचे. दूल्हे के कुछ रिश्तेदार भी उनके साथ भारत आए. गांव में पूरे रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ विवाह की रस्में निभाई गईं.
दो संस्कृतियों का अनोखा संगम
इस शादी ने भारतीय और वेस्टर्न संस्कृति के सुंदर मेल को दिखाया. एक ओर चेक गणराज्य में वेस्टर्न अंदाज में विवाह हुआ, तो दूसरी ओर भारत में अग्नि के सात फेरे लेकर परंपराएं निभाई गईं. शादी समारोह में दूर-दूर से पहुंचे लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया. रस्में पूरी होने के बाद अब दोनों चेक गणराज्य लौटने की तैयारी में हैं. यह अनोखी शादी क्षेत्र में लंबे समय तक याद की जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
Written By: Shubhra Rai (Intern)
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