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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार PAK में भारत, शहबाज शरीफ भेजेंगे न्योता; क्या पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी?

India-Pakistan SCO: पाकिस्तान में SCO नेशनल कोऑर्डिनेटर्स की बैठक में भारत का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ है. बैठक 28 से 30 सितंबर तक इस्लामाबाद में हो रही है.

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India-Pakistan SCO: पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच भीषण सैन्य टकराव के करीब डेढ़ साल बाद एक बार फिर इस्लामाबाद की धरती पर भारतीय राजनयिकों की धमक सुनाई दी है. पाकिस्तान की मेजबानी में शुरू हुई शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की अहम बैठक में शामिल होने के लिए विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी और भारत के SCO कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा है. इस हाई-प्रोफाइल दौरे के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान का दौरा करेंगे?

क्या पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी?

इस्लामाबाद में चल रही SCO कोऑर्डिनेटर बैठक में आने वाले राष्ट्रध्यक्षों के शिखर सम्मेलन (SCO Summit) की तैयारियों पर मुहर लग रही है. सूत्रों के मुताबिक, मेजबान देश होने के नाते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक निमंत्रण भेजने की तैयारी में हैं.

बता दें जब से यह खबर आई है, पाकिस्तान के सियासी और कूटनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भारी हलचल मच गई है कि क्या पीएम मोदी शहबाज का न्योता स्वीकार करेंगे या फिर पिछली बार की तरह विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भेजेंगे.

1.5 साल बाद सरहद पार पहुंचे भारतीय अफसर

अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान के आतंकी अड्डों की धज्जियां उड़ा दी थीं. इस सैन्य टकराव के बाद से दोनों देशों के रिश्ते बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए थे. हालांकि, बहुपक्षीय संगठन होने के कारण भारत ने SCO में अपनी सहभागिता बरकरार रखी है. आलोक डिमरी का यह दौरा यह साफ करता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने से पीछे नहीं हटने वाला.

भारत ने साफ कर दिया अपना कड़ा रुख

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की जमीन से पूरी दुनिया को कड़ा संदेश दिया है. भारत ने स्पष्ट किया है कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का इस्लामाबाद दौरा केवल SCO संगठन के एजेंडे और कार्यक्रमों तक सीमित है. पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की बंद कमरे में द्विपक्षीय (Bilateral) वार्ता नहीं होगी. भारत अपने उस सिद्धांत पर पूरी तरह कायम है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ कभी नहीं चल सकते.

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मोदी के ‘न’ कहने की उम्मीद ज्यादा

कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जिस तरह से भारत ने आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, उसे देखते हुए पीएम मोदी का व्यक्तिगत रूप से पाकिस्तान जाना लगभग असंभव माना जा रहा है. भारत केवल SCO की मर्यादा और वैश्विक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए अपने अफसरों और प्रतिनिधियों को भेज रहा है, जिससे पाकिस्तान को यह समझ आ जाए कि बिना आतंकवाद रोके वह भारत से रिश्तों की सामान्य बहाली का सपना भी नहीं देख सकता.

-भारत एक्सप्रेस



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