PoK में मौलिक अधिकारों का हनन
Pakistan Army Kill PoK People: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) इस समय एक गंभीर विद्रोह की चपेट में है. लगातार तीसरे दिन मौलिक अधिकारों की मांग को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इस दमनकारी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की भारी गोलीबारी के बाद कम से कम आठ नागरिक मारे गए हैं. मृतकों में धीरकोट, मुज़फ़्फ़राबाद और मीरपुर के लोग शामिल हैं. हालात देखकर ऐसा लग रहा है जैसे शरीफ और मुनीर कश्मीर की आवाज को दमन के जरिए दबा देना चाहते हैं. ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में हो रहे इस ‘लॉन्ग मार्च’ को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने बाजारों को बंद कर दिया है.
प्रदर्शनकारी (Pakistan PoK Protests) अपनी 38 मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इन मांगों में PoK असेंबली में कश्मीरी प्रवासियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करना भी शामिल है. स्थानीय लोगों का तर्क है कि इससे प्रतिनिधित्व कमजोर होता है. अभी अब पाकिस्तान के कथित लोकतंत्र में बंदूकों के दम पर दबाया जा रहा है.
पाकिस्तानी सेना की भूमिका (Pakistan Killed PoK People)
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें कई लोग मारे गए. JAAC ने पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना पर आरोप लगाया है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की. JAAC नेता शौकत नवाज मीर ने पाकिस्तानी सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन ‘प्लान A’ है और अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे ‘प्लान D’ तक जाएंगे.
पाकिस्तानी सरकार की प्रतिक्रिया (Pakistan Govt On PoK Protest)
पाकिस्तानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. हजारों सैनिकों को PoK में तैनात किया गया है और इंटरनेट सेवाएं प्रतिबंधित कर दी गई हैं. इसके अलावा, पाकिस्तानी सेना ने फ्लैग मार्च भी किया है.
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अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा विरोध
लंदन में पाकिस्तानी हाई कमीशन के बाहर एक समूह द्वारा प्रदर्शन आयोजित किया गया है, जो JAAC का समर्थन कर रहा है. प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. इससे अब पाकिस्तान की लंदन में भी किरकिरी होने लगी है.
मौलिक अधिकारों से वंचित लोग (PoK Protest For Fundamental Rights)
JAAC ने इन मौतों के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना को जिम्मेदार ठहराया है विरोध का यह माहौल PoK में 70 वर्षों से मौलिक अधिकारों से वंचित किए जा रहे लोगों के गुस्से को दर्शाता है, जिसका असर अब लंदन स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन तक पहुंच गया है, जहाँ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है.
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