Karachi Terror Attack Updates: पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर और आर्थिक राजधानी कराची एक बार फिर भीषण बम धमाकों और गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा है. आतंकवाद को पालने-पोसने वाले पाकिस्तान को अब उसका खुद का ही बोया हुआ बारूद डसने लगा है. कराची के गुलशन-ए-इकबाल और गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके के पास स्थित पैरामिलिट्री फोर्स के स्थानीय मुख्यालय को निशाना बनाकर एक बेहद खौफनाक और आत्मघाती (फिदायीन) हमला किया गया है.
इस हमले के बाद पूरे कराची शहर में चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. इसी खूनी मंजर और पाकिस्तान की चरमराती आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को बयां करता है, जहां अब सरकारी सुरक्षा बल ही आतंकियों के आसान शिकार बन रहे हैं.
रात 8:10 बजे का वो खूनी खेल (Terror Attack In Karachi)
यह भीषण आतंकी हमला रात के करीब 8:10 बजे हुआ, जब कराची ट्रांसपोर्ट दफ्तर और सिंध रेंजर्स के कंपाउंड को अचानक निशाना बनाया गया. आतंकियों ने बेहद सोची-समझी रणनीति के तहत हमला किया. अज्ञात बंदूकधारियों ने रेंजर्स के ठिकाने के पास खड़ी एक गाड़ी में रखे भारी-भरकम आईईडी (IED) से मुख्य गेट पर जोरदार फिदायीन धमाका किया. धमाका इतना शक्तिशाली था कि मुख्य गेट के परखच्चे उड़ गए, जिसके तुरंत बाद आतंकियों ने पूरे कंपाउंड को घेरकर ताबड़तोड़ और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.
पाकिस्तानी मीडिया ‘डॉन’ (Dawn) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस आत्मघाती हमले और उसके बाद हुई आमने-सामने की मुठभेड़ में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में सिंध रेंजर्स के तीन पैरामिलिट्री जवान और तीन खतरनाक आतंकवादी भी शामिल हैं, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
कौन है हमले का मास्टरमाइंड? (Karachi Attack Mastermind)
इस खूनी वारदात को अंजाम देने के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से अलग हुए बेहद खूंखार और कट्टरपंथी गुट ‘जमात-उल-अहरार’ (JuA) का हाथ है. हमले के कुछ ही देर बाद इस आतंकी संगठन ने आधिकारिक तौर पर सिंध रेंजर्स हेडक्वार्टर पर हुए हमले की पूरी जिम्मेदारी ली है.
ये भी पढ़ें: मुहर्रम पर ‘नरसंहार’ की साजिश: मुंबई में 30000 शिया मुसलमानों को मारना चाहता था फैयाज; क्या है ईरान-इराक कनेक्शन?
इस संगठन ने खुलासा किया है कि यह हमला उनके विशेष रूप से तैयार किए गए सुसाइड स्क्वाड यानी “खुलफ़ा-ए-राशिदीन इस्तिशहादी ब्रिगेड” नाम के आत्मघाती दस्ते ने किया है. यह दस्ता पाकिस्तान में बड़े फिदायीन हमलों को अंजाम देने के लिए कुख्यात है. कराची के गुलशन-ए-इकबाल के पास पैरामिलिट्री फोर्स फ्रंटियर कॉर्प्स के इस कंपाउंड पर हुआ यह हमला साफ संकेत दे रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह फेल हो चुकी हैं और देश गृहयुद्ध की आग में झुलसने की कगार पर पहुंच गया है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


