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100 मिलियन पानी में! पाकिस्तान में पोलियो का कहर जारी, हर प्रांत में बेकाबू हुआ वायरस

Pakistan polio cases 2026: पाकिस्तान में पोलियो के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है, जबकि इसे खत्म करने के लिए 100 मिलियन डॉलर से अधिक की अंतरराष्ट्रीय मदद दी जा चुकी है.

Pakistan polio cases 2026

Pakistan polio cases 2026: पाकिस्तान में पोलियो वायरस पर नियंत्रण पाने की कोशिशें लगातार असफल हो रही हैं, जबकि इस बीमारी को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद दी जा चुकी है. इसके बावजूद देश के कई हिस्सों में पोलियो के मामले फिर से बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है.

पोलियो के चपेट में पाक

रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान इस समय उन गिने-चुने देशों में शामिल है जहां वाइल्ड पोलियो वायरस टाइप-1 अभी भी मौजूद है. इसके साथ ही अफगानिस्तान भी ऐसा ही दूसरा देश है. हालांकि अफगानिस्तान के मामलों में कुछ कमी देखी गई है, लेकिन पाकिस्तान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. पिछले दो वर्षों में यहां 100 से अधिक सक्रिय मामले सामने आ चुके हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या सिर्फ मेडिकल नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई सामाजिक और प्रशासनिक कारण भी जिम्मेदार हैं. देश में टीकाकरण को लेकर लोगों में हिचकिचाहट देखी जाती है, जिससे कई बच्चे टीके से वंचित रह जाते हैं. इसके अलावा सरकारी व्यवस्था की कमजोरियां, भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित पहुंच भी बड़ी बाधा बनी हुई है. दूर-दराज और गरीब इलाकों में टीकाकरण अभियान सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहे हैं.

पाकिस्तान में तेजी से फेल रहा वायरस

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक समिति ने चेतावनी दी है कि पोलियो वायरस अब पाकिस्तान के लगभग सभी बड़े प्रांतों में फैल चुका है. इनमें पंजाब जैसे अपेक्षाकृत विकसित क्षेत्र और खैबर पख्तूनख्वा, सिंध तथा बलूचिस्तान जैसे कम विकसित क्षेत्र शामिल हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2023 के बाद से संक्रमण के मामलों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है.


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सबसे चिंताजनक बात यह है कि गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे इलाके में कई वर्षों बाद फिर से पोलियो का मामला सामने आया है. इससे यह साफ होता है कि बीमारी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, बल्कि छिपे रूप में मौजूद है और समय-समय पर सामने आ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक टीकाकरण अभियान को पूरी मजबूती, पारदर्शिता और व्यापक पहुंच के साथ लागू नहीं किया जाएगा, तब तक पाकिस्तान में पोलियो को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल रहेगा.

-भारत एक्सप्रेस



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