Pakistan News: पाकिस्तान एक कट्टरपंथी देश है. अगर सरकार यहां कोई कानून बनाती भी है, तो लोग उस कानून के खिलाफ खड़े हो जाते हैं. ऐसा ही एक मामला फिर सामने आया है. जहां भरी संसद में पाकिस्तान के एक नेता ने बाल विवाह पर लगे प्रतिबंध को इस्लामी कानून के खिलाफ बताया और खुलेआम इस कानून को तोड़ने की धमकी भी दी.
बाल विवाह प्रतिबंध पर मौलाना का विरोध
दरअसल पाकिस्तान के बलूचिस्तान सहित कई इलाकों में बाल विवाह पर प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन आज भी पाकिस्तान के कई इलाके ऐसे हैं जहां बाल विवाह होता है. इसे रोकने के लिए पाकिस्तानी संसद ने कानून बना दिया. जिसपर अब बवाल छिड़ गया है. जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान इस कानून का विरोध कर रहे हैं.
पाक संसद को मौलाना की चेतावनी
बीच संसद में बुर्का पहन कर बैठी महिला सांसदों के बीच खड़े होकर मौलाना ने कहा कि मैं ऐलान करता हूं कि मैं सरेआम इन कानूनों को तोड़ूंगा. मैं 16 साल, 12 साल और 10 साल के जवानों की शादियां कराऊंगा फिर देखूंगा कि आप किस तरह मेरा मुकाबला करते हैं.
उन्होंने कहा,
मैं आपके कानून को चैलेंज करता हूं. मैं आपकी मानसिकता को चैलेंज करता हूं. इसे पहले शरिया अदालत में भेजा जाना चाहिए ताकि वहां इस्लामिक विद्वान इस पर चर्चा कर सही-गलत का फैसला कर सकें.
उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि या तो हम इस्लामी जम्हूरियत से इस्लामी काट दें और खुद को रिपब्लिक कहते रहें और कहते रहें कि हम सेक्युलर हैं. पाकिस्तान सेक्युलर मुल्क है जहां कुरान और हदीस की कोई हैसियत नहीं हैं. जो शख्स जैसे चाहे, कानून बनाए.
कानून के तहत बाल विवाह है अपराध
पाकिस्तान में 18 साल से कम उम्र में शादी करना अपराध है. कानून के तहत 18 साल से कम उम्र की लड़की से शादी करने पर 3 साल की सजा और 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है, और निकाह कराने वाले मौलवी को भी सजा का प्रावधान है.
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भारत-पाकिस्तान से कहीं आगे
पाकिस्तान में आज भी मुस्लिम समुदाय धार्मिक परंपराओं का हवाला देकर कम उम्र में शादी को सही ठहराते हैं. ऐसे में कानून को लागू करना काफी मुश्किल है. वहीं भारत ने बंटवारे से पहले ही कम उम्र में शादी पर रोक लगाने वाला कानून बना लिया था.
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भारत पाकिस्तान से हर मामले में आगे है, चाहे वो लड़कियों की शिक्षा का हो या रोजगार को बढ़ावा देना हो. जिससे वो शादी के बजाय अपने करियर पर ध्यान दे सकें.
-भारत एक्सप्रेस
रिपोर्ट- शुभ्रा राय (इंटर्न, भारत एक्सप्रेस)
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