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चक्रवात बिपरजॉय के कहर से बचने की तैयारी में पाक, सुरक्षित इलाकों में भेजे जा रहे लोग

इस बीच, सेना ने बचाव और राहत अभियान जारी रखा है और तटीय इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों को निकाला जा रहा है.

Biparjoy in Pakistan

कराची: भयंकर चक्रवाती तूफान बिपोरजॉय गुरुवार को पाकिस्तान और भारत में दस्तक देने वाला है, ऐसे में सिंध प्रांत के अधिकारी इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इस कड़ी में हजारों लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया जा रहा है. डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) की बुधवार रात जारी सलाह से पता चलता है कि बिपोरजॉय पिछले छह घंटों के दौरान उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ गया है. बुधवार देर रात, चक्रवात कराची से लगभग 310 किमी दक्षिण में, थाटा से 300 किमी दक्षिण पश्चिम में और केटी बंदर से 240 किमी दक्षिण पश्चिम में स्थित था.

आंधी और तूफान दोनों आने की संभावना

जमीन से टकराने के बाद चक्रवात की ताकत कम होने की संभावना है, लेकिन पीएमडी ने मछुआरों को शनिवार तक खुले समुद्र में नहीं जाने को कहा है. डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि आंधी और तूफान दोनों आने की संभावना है, जिससे काफी नुकसान हो सकता है. उन्होंने लोगों से समुद्र तट पर जाने से बचने का आग्रह किया और अधिकारियों से सहयोग करने का आह्वान किया है.

मंत्री ने बताया कि लोगों के लिए 75 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, उनमें से अधिकांश स्कूल और कॉलेजों जैसे छत वाले स्थान हैं.

39 राहत शिविर स्थापित

सिंध के सबसे गरीब शहरों में से एक, केटी बंदर को चक्रवात का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है और आधिकारिक तौर पर इसे पूरी तरह से खाली करा लिया गया है. थट्टा और सुजावल में कई निचली बस्तियां, जिनमें से अधिकांश को पहले ही खाली कर दिया गया था, वहां बाढ़ देखी गई. सिंध मुख्यमंत्री हाउस के अनुसार, 67,367 लोगों को तीन जिलों थट्टा, सुजावल और बादिन से निकाला गया है, जहां 39 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं.

इस बीच, सेना ने बचाव और राहत अभियान जारी रखा है और तटीय इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों को निकाला जा रहा है. डॉन न्यूज ने बुधवार देर रात सेना की मीडिया विंग के हवाले से कहा, 82 प्रतिशत से अधिक आबादी को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है. थट्टा में नौ और सुजावल और बादिन में 14 राहत शिविर बनाए गए हैं. अगले 72 घंटे तक सैनिक हाई अलर्ट पर हैं और लोगों को निकालने की प्रक्रिया आज रात पूरी हो जाएगी.

– आईएएनएस



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