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प्रयागराज के लिए आतिथ्य सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है महाकुम्भः सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में समीक्षा बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में सभी से सहयोग का आह्वान किया. सीएम ने महाकुम्भ के लिए चल रहे विकास कार्यों पर संतोष जताया, उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं. 20 हजार से अधिक संतों और संगठनों के साथ ही अन्य संस्थाओं को रजिस्ट्रेशन कर भूमि आवंटन किया गया है.

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CM ने कहा कि कुंभनगर में सभी नई संस्थाओं को 5 जनवरी तक भूमि आवंटन किए जाने का प्रयास है.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

महाकुम्भनगर, 23 दिसंबर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में महाकुम्भ 2025 की तैयारियों की समीक्षा के दौरान पत्रकारों से भी वार्ता की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महाकुम्भ की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं. केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के साथ ही राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों के बीच बेहतरीन कोऑर्डिनेशन के साथ महाकुम्भ पर्व की तैयारी आगे बढ़ रही है. यहां हर संस्था का सहयोग लिया जा रहा है. सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ एक महापर्व के साथ-साथ प्रयागराज के लिए एक अवसर भी है कि वह अपने आतिथ्य सेवा का एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करे. सीएम योगी ने प्रयागराज के लोगों से इस अवसर को एक सक्सेस स्टोरी में बदलने और प्रयागराज की ब्रांडिंग के लिए सहयोग का भी आह्वान किया.

पत्रकारों से वार्ता करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सनातन गौरव के सबसे बड़े समागम महाकुम्भ की तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है. अब तक 20 हजार से अधिक संतों और संगठनों के साथ ही अन्य संस्थाओं को यहां पर रजिस्ट्रेशन करते हुए भूमि आवंटन के साथ जोड़ा गया है. इसमें सभी 13 अखाड़े, दंडीवाड़ा, आचार्य वाड़ा के साथ-साथ प्रयागवाल सभा और खाक चौक आदि को भूमि आवंटन की कार्रवाई की जा चुकी है. शेष अन्य लोगों को भी भूमि आवंटन की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है. अन्य संस्थाओं के साथ ही नई संस्थाएं भी हैं, जिनको 5 जनवरी तक भूमि आवंटन किए जाने का प्रयास किया जा रहा है. भूमि और अन्य प्रकार की सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था डबल इंजन की सरकार द्वारा की जा रही है.

कार्यों की प्रगति पर जताया संतोष

उन्होंने कहा कि पहली बार महाकुम्भ में पांटून ब्रिज 22 से बढ़कर के 30 हो रहे हैं, जिसमें 20 अब तक तैयार हो चुके हैं और हर हाल में प्रयास है कि 30 तक सब सभी 30 के 30 पांटून ब्रिज बनकर तैयार हो जाएं. चेकर्ड प्लेट यहां पर कुल 651 किलोमीटर की बिछनी थी, जिसमें 330 किलोमीटर की चेकर्ड प्लेट्स अब तक बिछाई जा चुकी हैं. इसका कार्य भी युद्धस्तर पर चल रहा है और यह भी समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा. साइनेजेस लगाने का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है. अब तक मेला क्षेत्र में 250 साइनेजेस लगाए जा चुके हैं, जबकि सिटी के अंदर भी 661 स्थानों पर साइनेजेज लगाने का कार्य किया जा चुका है. उत्तर प्रदेश जल निगम के द्वारा भी यहां पर व्यापक कार्य किए जा रहे हैं. खासतौर पर यह प्रयास है कि सिंचाई विभाग के द्वारा अविरल और निर्मल गंगा के दर्शन हों, पर्याप्त मात्रा में संगम पर जल उपलब्ध होता रहे. आप देख रहे होंगे कि अन्य वर्षों की तुलना में इस बार मां गंगा और मां यमुना ने बड़ी कृपा की है और काफी पर्याप्त मात्रा में जल मौजूद है. यही नहीं, जल शुद्ध है और स्नान व आचमन करने योग्य भी है. कहीं भी कोई सीवर, इंडस्ट्री का एफ्लुएंट, या कोई ड्रेनेज नदी में ना गिरने पाए, इसके लिए जगह-जगह एसटीपी तो फंक्शनल हैं ही, बायोरेमेडिशन की पद्धति के माध्यम से, जिओ ट्यूब के माध्यम से उनके शुद्धिकरण के कार्यक्रम को भी यहां पर सुनिश्चित किया गया है.

30 दिसंबर तक तैयार हो जाएंगे रिवर फ्रंट और घाट

सीएम योगी ने कहा कि यहां पर पावर कारपोरेशन के द्वारा 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए 400 केवीए के 85 सब स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें से 77 स्थापित हो चुके हैं. ढाई सौ केवीए के 14 सबस्टेशनों में से 12 स्थापित किए जा चुके हैं. 100 केवीए के 128 सब स्टेशनों में से 94 स्थापित हो चुके हैं. एलटी लाइन 1160 किलोमीटर, एचटी लाइन 160 किलोमीटर और एलइडी स्ट्रीट लाइट अब तक लगभग 48000 स्थापित की जा चुकी हैं. यहां पर पहली बार मां गंगा का रिवर फ्रंट लोगों को देखने को मिलेगा. प्रयागराज में पहली बार रिवर फ्रंट और पक्के घाट बने हैं. ऐसे ही अरैल में भी एक घाट बन रहा है और प्रयास है कि 30 दिसंबर तक हर हाल में वह घाट बनाकर तैयार हो जाए. सीएम ने कहा कि जितने भी स्थाई और अस्थाई कार्य होने थे, इन पर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है. जेटी के निर्माण का कार्य का युद्ध स्तर पर चल रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने भी 100 बेड का एक अस्थाई अस्पताल स्थापित कर दिया है. इसके अलावा 25 बेड के हॉस्पिटल अलग-अलग स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा बनाए जा रहे हैं. फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा यहां पर प्रदान की जा रही है.

कॉरिडोर दिखाएंगे श्रद्धालुओं को प्रयागराज की झांकी

उन्होंने कहा कि महाकुम्भ के दौरान पहली बार प्रयागराज आने वाले श्रद्धालु जनों को कॉरिडोर के माध्यम से भी प्रयागराज की झांकी देखने को मिलेगी. अक्षय वट कॉरिडोर का प्रधानमंत्री जी के कर कमल से उद्घाटन हो चुका है. बड़े हनुमान जी यानी लेटे हुए हनुमान जी कॉरिडोर भी श्रद्धालु जनों को देखने का अवसर प्राप्त होगा. इसके साथ ही सरस्वती कूप कॉरिडोर, पातालपुरी कॉरिडोर, महर्षि भारद्वाज कॉरिडोर के अलावा श्रृंगवेरपुर में भगवान राम और निषाद राज कॉरिडोर तो विकसित हुए ही हैं, साथ ही द्वादश ज्योतिर्लिंग, नागवासुकि मंदिर और अन्य महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के सुंदरीकरण और फसाड लाइटिंग के कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि नगर निगम ने यहां पर द्वादश ज्योतिर्लिंग की बहुत अच्छी रेप्लिका बनाई है. साथ ही, त्रिवेणी पुष्प जो पूर्व राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी जी की परिकल्पना थी, आज उसका एक भव्य रूप उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और परमार्थ आश्रम मिलकर तैयार कर रहे हैं. इसके अलावा टेंट सिटी के निर्माण का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है. 20,000 श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण के द्वारा टेंट सिटी स्थापित की जा रही है. इसके अलावा अन्य विशिष्ट जनों के लिए भी लगभग 5 से 6 हजार क्षमता वाले टेंटेज अलग-अलग स्थान पर बनाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रयागराज मेले में सुरक्षा की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है. पहली बार आपदा मित्रों की तैनाती हुई है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ आपदा मित्र भी इस पूरे मेले में श्रद्धालु जनों के सहयोग के लिए अपनी सेवा प्रदान करते दिखाई देंगे.



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