PM Modi Bhutan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपने दो दिवसीय भूटान दौरे के समापन के लिए तैयार हैं. इसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करना और भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करना था. दौरे का मुख्य आकर्षण मंगलवार को हुआ, जब पीएम मोदी ने भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ ऊर्जा, क्षमता निर्माण, रक्षा और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की. आज वह भूटान के चतुर्थ नरेश से मिलेंगे और एक समारोह में शामिल होंगे.
मंगलवार को दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से 1020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन किया, जो भारत-भूटान की बढ़ती ऊर्जा साझेदारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. पीएम मोदी ने इस सहयोग पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि भारत भूटान की विकास यात्रा में एक प्रमुख भागीदार है.
पीएम मोदी की कई मुद्दों पर बात
दौरे के पहले दिन पीएम मोदी और भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने ऊर्जा, क्षमता निर्माण, संपर्क, प्रौद्योगिकी, रक्षा और सुरक्षा सहित सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा-
भूटान के राजा, महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई. हमने भारत-भूटान संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की. हमने ऊर्जा, क्षमता निर्माण, संपर्क, प्रौद्योगिकी, रक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की. भारत को भूटान की विकास यात्रा में एक प्रमुख भागीदार होने पर गर्व है.
हिमालयी पड़ोसियों के गहरे संबंध
दोनों हिमालयी पड़ोसियों (भारत और भूटान) के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को थिम्पू के ताशिछोद्ज़ोंग में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों से आशीर्वाद लेने के लिए भूटान नरेश के साथ शामिल हुए. ग्रैंड कुएनरे हॉल में स्थापित ये अवशेष, चौथे राजा की 70वीं जयंती और भूटान की शाही सरकार द्वारा आयोजित वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव के उपलक्ष्य में एक विशेष सम्मान के रूप में प्रदर्शनी के लिए भारत से भेजे गए थे.
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प्रधानमंत्री ने भूटान के चौथे राजा की 70वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी भाग लिया और भारत और भूटान के बीच स्थायी मित्रता और आध्यात्मिक संबंधों के बारे में बात की. प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को भी गहरा किया. पीएम मोदी का दौरा बताता है कि भारत और भूटान के बीच मैत्री का बंधन भविष्य में भी मजबूत बना रहेगा.
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