Bharat Express DD Free Dish

bhutan

UNGA 81 में तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कश्मीर पर बातचीत की वकालत की, जबकि भारत के करीबी साझेदारों ने अलग-अलग मुद्दों पर सहयोग जताया.

Gautam Adani Bhutan Visit: अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भूटान दौरे के दौरान भारत-भूटान ऊर्जा सहयोग को नई ऊंचाई दी. दोनों देशों ने 5,000 मेगावाट हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए और 570 मेगावाट वांगचू हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट की शुरुआत की.

PM Modi Bhutan Visit: पीएम मोदी बुधवार को भूटान के चतुर्थ नरेश से मिलेंगे और एक समारोह में शामिल होंगे. इसके बाद वे नई दिल्ली लौटेंगे. वे द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने और पड़ोसी प्रथम नीति के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के उद्देश्य से अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी करेंगे.

PM Modi Bhutan Visit: पीएम मोदी अपने भूटान दौरे के लिए रवाना हो गए हैं. वहां वह चतुर्थ नरेश की 70वीं जयंती पर होंगे शामिल, पुनात्सांगछू-II परियोजना का उद्घाटन करेंगे. आइये जानें यह दौरा क्यों अहम है?

इस उत्सव में तीन दिवसीय कालचक्र (समय का चक्र) अभिषेक शामिल होगा। ये तिब्बती बौद्ध धर्म का एक जटिल और व्यापक अनुष्ठान है जो आत्मज्ञान प्राप्ति हेतु विशिष्ट ध्यान साधना करने की शक्ति प्रदान करता है। कालचक्र दीक्षा समय, ब्रह्मांड और मानवीय अनुभव (अस्तित्व के बाह्य और आंतरिक आयामों का अंतर्संबंध) के मिलन का प्रतीक है।

भूटान के प्रधानमंत्री त्सेरीन तोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना 'बड़ा भाई' और 'मार्गदर्शक' बताया और उनके नेतृत्व की सराहना की. उन्होंने कहा कि मोदी ने भारत को दशकों की प्रगति के रास्ते पर अग्रसर किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय प्रगति में नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और सभी क्षेत्रों में ऐसे नेताओं को विकसित करने के लिए एक ऐसे दृष्टिकोण का आह्वान किया, जो व्यवधानों के बीच भी प्रदर्शन करने में सक्षम हों.

डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए भूटान में एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. भूटान सरकार और जनता ने भारत सरकार और भारतीय नागरिकों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की.

भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक आज गुजरात के वडोदरा पहुंचे हैं. वे यहां भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' देखने जा रहे हैं.

अडानी समूह के फाउंडर और चेयरमैन गौतम शांतिलाल अडानी पिछले कुछ वर्षों से भारत के बाहर पड़ोसी देशों में भी बड़ी-बड़ी परियोजनाओं में भागीदार बन रहे हैं. अभी भूटान की सरकार के साथ उनकी बातचीत हुई है.