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चीन से पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को झाड़ा! जिनपिंग के प्रस्ताव से तिलमिला जाएगा ‘टैरिफ किंग’ अमेरिका

PM Modi China Visit: जापान के बाद पीएम मोदी चीन के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद डोनाल्ड ट्रंप को झाड़ दिया है. वहीं चाइना की ओर से भारत के सामने नया प्रस्ताव रख दिया गया है.

PM Modi China Visit

चीन में पीएम मोदी

PM Modi China Visit: भारत के प्रधानमंत्री जापान के बाद चीन की यात्रा पर है. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अमेरिका के रिश्तों में खटास आ गई है. जापान में पीएम मोदी ने कई समझौते कर अमेरिका को चौंका दिया था. अब चीन के दौरे पर डोनाल्ड ट्रंप नजर बनाए हुए हैं. इस दौरान पीएम मोदी ने चीन की धरती से ही बिना नाम लिए डोनाल्ड ट्रंप को झाड़ दिया है. सी जिनपिंग से मुलाकात के बाद उन्होंने चीन से भारत के संबंध के बारे में बोला है. वहीं जिनपिंग ने भी भारत के सामने एक प्रस्ताव रख दिया है.

बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाइना के दौरे (PM Modi China Visit) पर है. इस दौरान वह दुनिया के कई नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. रविवार को उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से करीब 50 मिनट बात की है. इसके बाद दोनों नेताओं का बयान आया है. इसे सुनकर डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका तिलमिला रहा है.

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क्या बोले दोनों नेता?

पीएम मोदी (PM Modi)- शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद पीएम मोदी का बयान आया है. उन्होंने कहा कि भारत और चीन के संबंधों को तीसरे देश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. इस टिप्पणी स्पष्ट रूप से अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है.

शी जिनपिंग (Xi Jinping)- पीएम मोदी से 50 मिनट की बात के बाद शी जिनपिंग ने कहा कि PM मोदी से मिलकर खुशी हुई है. ड्रैगन और हाथी यानी चीन और भारत को साथ आना चाहिए. इसे भी डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीति से जोड़कर देखा जा रहा है. क्योंकि, इससे चीन भी काफी प्रभावित है.

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भारत की हित सर्वोपरि

पीएम मोदी के चीन दौरे (PM Modi China Visit) में दी गई यह टिप्पणी और शी जिनपिंग का ‘ड्रैगन और हाथी को साथ आना चाहिए’ वाला प्रस्ताव, यह दोनों डोनाल्ड ट्रंप की एकतरफा नीतियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश हैं. यह दिखाता है कि भारत अब किसी भी देश के दबाव में आने वाला नहीं है. पीएम मोदी की विदेश नीति की यह जीत है, जो यह साबित करती है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखता है और किसी भी देश के साथ संबंध अपनी शर्तों पर बनाता है.



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