PM Modi France Visit
PM Modi France Visit: फ्रांस के राष्ट्रपति, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों, नवाचार विशेषज्ञों और युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस का संबंध केवल कूटनीतिक या आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं है. यह रिश्ता समान मूल्यों, साझा लक्ष्यों और भविष्य की एक जैसी सोच पर आधारित है. दोनों देश लंबे समय से वैश्विक चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुरक्षा और सतत विकास जैसे अनेक क्षेत्रों में भारत और फ्रांस ने मिलकर महत्वपूर्ण पहलें की हैं. इसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए इस वर्ष भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की शुरुआत हुई है और “भारत इनोवेट्स” उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह मंच भारतीय प्रतिभा और यूरोपीय निवेश व विशेषज्ञता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगा.
भारत बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है. देश में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है और युवा उद्यमी नई सोच के साथ समाज की समस्याओं के समाधान खोज रहे हैं. भारत के युवा केवल तकनीक का उपयोग नहीं कर रहे, बल्कि ऐसी तकनीक विकसित कर रहे हैं जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाए. कोई कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव ला रहा है, तो कोई अंतरिक्ष तकनीक की मदद से कृषि क्षेत्र को सशक्त बना रहा है. कई स्टार्टअप हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, उन्नत विनिर्माण और रक्षा क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं.

उन्होंने निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से कहा कि भारत में अवसरों की कोई कमी नहीं है. आज देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है. भारतीय युवाओं ने पारंपरिक रास्तों से हटकर नए क्षेत्रों में सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय दुनिया के लिए चुनौतियों और अवसरों दोनों का युग है. जलवायु परिवर्तन, वैश्विक संघर्ष और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच मानवता नए समाधान तलाश रही है. कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव-प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान और उन्नत सामग्री विज्ञान जैसी तकनीकें आने वाले समय की दिशा तय करेंगी. इसलिए यह आवश्यक है कि तकनीक विश्वसनीय, समावेशी और मानव-केंद्रित हो.
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की सोच “मानवता के लिए तकनीक” पर आधारित है. देश की डिजिटल क्रांति और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना इसी विचारधारा से प्रेरित रही है. भारत का उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करना है जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. किसी भी नवाचार की वास्तविक सफलता केवल उसके आर्थिक मूल्य में नहीं, बल्कि समाज पर उसके सकारात्मक प्रभाव में होती है.
नवाचार है भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा
प्रधानमंत्री ने कहा कि नवाचार भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहा है. गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा और योग जैसे क्षेत्रों में भारत ने सदियों से दुनिया को नई दिशा दी है. आज उसी विरासत को आधुनिक तकनीक और शोध के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक ढांचा तैयार किया है. स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं, अनुसंधान संस्थानों, इन्क्यूबेशन केंद्रों और पेटेंट व्यवस्था में सुधारों ने देश को दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्रों में शामिल कर दिया है. नवाचार को केवल महानगरों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स, हैकाथॉन और नवाचार प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों और युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है. महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है और वे विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं.
भारत में शुरू हो रहे नए स्टार्टअप्स
उन्होंने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों को निजी नवाचार और स्टार्टअप्स के लिए खोला गया है. इससे स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत अनुसंधान और नई तकनीकों के विकास को गति मिलेगी. सरकार सुधारों की इस प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाती रहेगी.
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब भारत को केवल तकनीक अपनाने वाले देश के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज भारत तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने वाले देशों में अग्रणी बन रहा है. भारत में विकसित होने वाले समाधान केवल देश के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं.
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उन्होंने दुनिया भर के निवेशकों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और उद्यमियों को भारत आने तथा साझेदारी, संयुक्त अनुसंधान, सह-विकास और दीर्घकालिक सहयोग के लिए आमंत्रित किया. प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और विश्व मिलकर भविष्य के लिए ऐसे समाधान तैयार कर सकते हैं जो मानवता को नई दिशा देंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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