दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने ‘G-20 लीडर्स समिट’ में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच जल संसाधन, इनोवेशन और टेक्नोनोलॉजी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि जोहान्सबर्ग में ‘जी-20 शिखर सम्मेलन’ के दौरान नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ से मुलाकात की. जल संसाधन, नवाचार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी तेजी से बढ़ रही है. हम आने वाले समय में व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए काम करते रहेंगे. उन्होंने रविवार को अपनी यात्रा के तीसरे दिन जी20 समिट के तीसरे सेशन को संबोधित किया.
Met Mr. Dick Schoof, Prime Minister of the Government of the Netherlands on the sidelines of the G20 Summit in Johannesburg. The bilateral partnership between our nations is growing rapidly in areas like water resources, innovation, technology and energy. We will keep working to… pic.twitter.com/EGNhDLoRnD
— Narendra Modi (@narendramodi) November 23, 2025
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देते हुए कहा कि एआई को वैश्विक भलाई में बदलना होगा. उन्होंने पारदर्शिता, मानवीय निगरानी, डिजाइन द्वारा सुरक्षा और दुरुपयोग की रोकथाम के सिद्धांतों पर आधारित एक वैश्विक समझौते का आह्वान किया.
AI क्षमताओं का विस्तार करे पर अंतिम निर्णय स्वयं मनुष्यों लें
G-20 शिखर सम्मेलन के तीसरे सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि AI को मानवीय क्षमताओं का विस्तार तो करना चाहिए, लेकिन अंतिम निर्णय स्वयं मनुष्यों को ही लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे तकनीकी प्रयोगों को ‘वित्त-केंद्रित’ के बजाय ‘मानव-केंद्रित’, ‘राष्ट्रीय’ के बजाय ‘वैश्विक’, और ‘विशिष्ट मॉडलों’ के बजाय ‘ओपन सोर्स’ पर आधारित होना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी ने विस्तार से बताया कि इस दृष्टिकोण को भारत के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप अंतरिक्ष उपयोगों, एआई और डिजिटल भुगतान में महत्वपूर्ण लाभ हुए हैं, जहां देश विश्व में अग्रणी है.
पीएम मोदी ने समान पहुंच, जनसंख्या-स्तरीय कौशल विकास और जिम्मेदारीपूर्ण तैनाती पर आधारित एआई के प्रति भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि भारत-एआई मिशन के तहत, सुलभ उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग क्षमता का निर्माण किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एआई का लाभ देश में सभी तक पहुंचे.
उन्होंने कहा कि भारत फरवरी 2026 में ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ विषय पर एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और उन्होंने सभी जी20 देशों को इस प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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