
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो)
Donald Trump tariffs: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड्र ट्रंप ने दुनिया के 180 से ज्यादा देशों के लिए नए टैरिफ का ऐलान कर दिया है. ट्रंप के इस ऐलान से दुनिया भर में हड़कंप मच गया है. प्रेसीडेंट ट्रंप ने इसे ‘डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ’ नाम दिया है. ट्रंप ने टैरिफ की घोषणा करते हुए कहा कि यह मुक्ति दिवस है, जिसका इंतजार अमेरिका काफी वर्षों से कर रहा था. हालांकि ट्रंप ने भारत की ओर से वसूले जा रहे 52 फीसदी टैरिफ के एवज में 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है.
“पीएम मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त, लेकिन…”
डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ की घोषणा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं, वह जब अमेरिका दौरे पर आए थे, तो हमने उनसे कहा था कि आप हमारे साथ ठीक नहीं कर रहे हैं, क्योंकि भारत 52 फीसदी टैरिफ हमेशा से वसूलता आ रहा है. इसलिए हम उसका आधा (26 फीसदी) टैरिफ ही वसूलेंगे.
भारत पर कितना पड़ेगा असर?
भारत को डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ (डीआरटी) से सबसे ज्यादा असर होने वाले देशों में से एक माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ भारतीय निर्यातों पर उच्च आयात शुल्क लगाया जा सकता है. नए टैरिफ रेट के मुताबिक, अमेरिका चीन से 34 प्रतिशत, यूरोपीय संघ से 20 फीसदी, जापान से 24% और भारत से 26 फीसदी टैरिफ लेगा.
निर्यात में आ सकती है गिरावट
हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत को इस टैरिफ से बहुत अधिक नुकसान नहीं होगा. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के निर्यात में 3-3.5% तक गिरावट हो सकती है, लेकिन निर्माण और सेवा क्षेत्र में निर्यात बढ़ने के कारण इसका असर कम होगा. इसके अलावा, भारत यूरोप, मध्य पूर्व और अमेरिका के जरिए नए व्यापार मार्ग बना रहा है और अपने निर्यात मिश्रण को विविध बना रहा है.
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भारत ने की थी छूट की मांग
इससे पहले, भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस महीने की शुरुआत में वाशिंगटन गए थे, जहां उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चर्चा की थी. इसमें इन शुल्कों से छूट की मांग की गई थी.
-भारत एक्सप्रेस
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