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अमेरिका में ‘पंजाबी डेविल्स’ बाइकर गैंग चलाने वाले भारतीय को जेल, घर में मिला था ग्रेनेड और मशीन गन!

अमेरिका में भारतीय मूल के 27 वर्षीय जश्ननप्रीत सिंह को ‘पंजाबी डेविल्स’ नाम का अवैध बाइकर गैंग चलाने और खतरनाक हथियारों की तस्करी के आरोप में 5 साल से ज्यादा की जेल हुई है. पिछले साल भारत भागने की कोशिश करते हुए एफबीआई ने उसे सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट से दबोचा था.

Punjabi Devils Indian Man Jashnanpreet Singh Sentenced to Jail in US for Illegal Biker Gang

भारी-भरकम आवाज वाली बुलेट या स्पोर्ट्स बाइक, लेदर की जैकेट, आंखों पर काला चश्मा और सड़कों पर रफ्तार भरता बाइकर गैंग… ये नजारा अक्सर हॉलीवुड फिल्मों में कूल लाइफस्टाइल का हिस्सा दिखाया जाता है. लेकिन अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाले एक भारतीय मूल के गबरू जवान ने इस लाइफस्टाइल के पीछे एक ऐसा खतरनाक खेल शुरू कर दिया, जिसने उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.

‘Punjabi Devils’ का खतरनाक नेटवर्क

दरअसल, हम बात कर रहे हैं 27 साल के जश्ननप्रीत सिंह की, जिसने अमेरिका में ‘पंजाबी डेविल्स’ नाम का एक गैर-कानूनी मोटरसाइकिल क्लब बना रखा था. अब कोर्ट ने उसे हथियारों की अवैध तस्करी और मशीन गन रखने के जुर्म में 5 साल और 4 महीने की सजा सुनाई है.

कैलिफोर्निया के लोदी शहर का रहने वाला जश्ननप्रीत सिंह ‘पंजाबी डेविल्स मोटरसाइकिल क्लब’ का फाउंडर था. दिखने में तो ये सिर्फ एक शौकिया बाइकर ग्रुप लगता था, लेकिन पुलिस की मानें तो ये स्टॉकटन का एक अवैध गैंग था. इतना ही नहीं, इसके तार अमेरिका के कुख्यात और ग्लोबल बाइकर गैंग ‘हेल्स एंजल्स’ (Hells Angels) से भी जुड़े हुए थे. इस ग्रुप की आड़ में जश्ननप्रीत हथियारों की डीलिंग का बड़ा नेटवर्क चला रहा था.

अंडरकवर एजेंट के जाल में फंसा ‘अमरीकी बाबू’

कहते हैं ना कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं. पिछले साल जून में जश्ननप्रीत को अंदाजा भी नहीं था कि वह जिससे हथियारों का सौदा कर रहा है, वह असल में एक अंडरकवर पुलिस अफसर है. उसने उस एजेंट को एक छोटी बैरल वाली राइफल, 3 असॉल्ट हथियार, रिवॉल्वर और 3 ऐसी डिवाइस बेचने की कोशिश की जो साधारण गन को ‘मशीन गन’ में बदल देती हैं.

इसके बाद जब पुलिस ने उसके घर पर रेड मारी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए. घर में मशीन गन, साइलेंसर और सेना में इस्तेमाल होने वाला क्लेमोर माइन (Claymore Mine) और हैंड ग्रेनेड भी मिला. बम निरोधक दस्ते को बुलाकर इन खतरनाक विस्फोटकों को मौके पर ही नष्ट करना पड़ा.

एयरपोर्ट पर ‘फिल्मी’ स्टाइल में गिरफ्तारी

जब जश्ननप्रीत के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, तो वो कोर्ट की सुनवाई से गायब हो गया. कोर्ट ने वारंट जारी किया, लेकिन वो पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था. पिछले साल जुलाई में उसने चुपके से भारत भागने का पूरा प्लान बना लिया. उसने सैन फ्रांसिस्को से भारत का टिकट भी बुक करा लिया था.

लेकिन जैसे ही वो 26 जुलाई को फ्लाइट पकड़ने एयरपोर्ट पहुंचा, एफबीआई (FBI) और बॉर्डर प्रोटेक्शन की टीमों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. उसका भारत आने का सपना तो टूटा ही, तब से वह फेडरल कस्टडी में है और अब उसे जेल में ही अपनी जवानी के दिन काटने होंगे.

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-भारत एक्सप्रेस



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