व्लादिमीर पुतिन
Vladimir Putin News: अंतरराष्ट्रीय राजनीति की चमक-दमक और कैमरों की चकाचौंध के पीछे कई बार ऐसी बातें छिपी होती हैं, जिनके बारे में आम लोग सोच भी नहीं पाते. साल 2025 के अलास्का शिखर सम्मेलन में जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की देर रात मुलाकात हुई, तो मीडिया का ध्यान दोनों नेताओं की कूटनीतिक बातचीत पर था. लेकिन इसके इतर एक ऐसा राज़ फिर चर्चा में आया, जिसने दुनिया भर का ध्यान खींच लिया, वो है पुतिन का ‘पू ब्रीफकेस’.
पुतिन की विदेश यात्राएं हमेशा सख्त सुरक्षा घेरे में होती हैं. उनके काफिले के साथ चलने वाले सुरक्षाकर्मियों के पास एक ऐसा विशेष सूटकेस भी रहता है, जिसके बारे में आम तौर पर बहुत कम लोग जानते हैं. इसे कहा जाता है ‘पू ब्रीफकेस’. नाम भले ही अजीब लगे, लेकिन यह रूस के राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है. इस ब्रीफकेस में पुतिन के शारीरिक अपशिष्ट मल और मूत्र को सुरक्षित रखकर मॉस्को वापस ले जाया जाता है.
रूसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSO) की विशेष टीम इसका जिम्मा संभालती है. उनका मकसद केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि गोपनीयता भी सुनिश्चित करना होता है. असल वजह यह है कि अगर पुतिन का जैविक अपशिष्ट किसी विदेशी एजेंसी के हाथ लग जाए तो उनके स्वास्थ्य से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारी सामने आ सकती है.
क्यों उठाए जाते हैं ऐसे कदम?
चिकित्सा विज्ञान बताता है कि किसी व्यक्ति के मल-मूत्र की जांच से उसकी बीमारियों, इम्यूनिटी, खानपान और यहां तक कि जीवनशैली के बारे में अहम जानकारियां मिल सकती हैं. यही कारण है कि पुतिन नहीं चाहते कि किसी भी विदेशी खुफिया एजेंसी को उनकी सेहत से जुड़ी कोई जानकारी हासिल हो सके.
बीते कुछ सालों में पुतिन की सेहत को लेकर लगातार अफवाहें उड़ती रही हैं. कभी कहा गया कि उन्हें कैंसर है, तो कभी डिमेंशिया या पार्किंसंस जैसी गंभीर बीमारी का दावा किया गया. हालांकि, क्रेमलिन ने इन दावों की कभी पुष्टि नहीं की. इसके बावजूद पुतिन की गोपनीयता और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति यह सतर्कता उनके कठोर प्रोटोकॉल में झलकती है.
पोर्टेबल टॉयलेट साथ रखते हैं बॉडीगार्ड
यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती. 2019 में पेरिस में हुए यूक्रेन शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन बाथरूम गए तो उनके साथ छह बॉडीगार्ड भी थे. चौंकाने वाली बात यह थी कि उनमें से एक का काम सिर्फ इतना था कि राष्ट्रपति के इस्तेमाल के बाद बाथरूम से उनके अपशिष्ट को पैक कर सुरक्षित रखना. यही नहीं, पुतिन की टीम एक पोर्टेबल टॉयलेट भी साथ लेकर चलती है ताकि उन्हें सार्वजनिक या होटल के बाथरूम का इस्तेमाल ही न करना पड़े.
इस तरह का सुरक्षा ताम-झाम दुनिया के बहुत कम नेताओं के साथ देखा गया है. लेकिन पुतिन हमेशा से अपनी रहस्यमय शख्सियत और अनोखी सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए सुर्खियों में रहते हैं. उनके ‘पू ब्रीफकेस’ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वैश्विक राजनीति में केवल शब्दों और हथियारों का खेल नहीं चलता, बल्कि गुप्त सूचनाओं और उनके बचाव की रणनीतियां भी उतनी ही अहम होती हैं.
ये भी पढ़ें: चीनी विदेश मंत्री पहुंचे भारत,द्विपक्षीय संबंधों पर होगी चर्चा…प्रधानमंत्री मोदी से भी मिलेंगे
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




