Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर चीनी मीडिया ने जताई भारत-चीन के बीच बेहतर संबंधों की उम्मीद

SCO Summit 2025: एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से भारत-चीन रिश्तों में स्थिरता की उम्मीद. वैश्विक राजनीति और एशिया के भविष्य पर गहरा असर.

SCO Summit 2025

SCO Summit 2025: चीनी मीडिया ने भरोसा जताया है कि आने वाले समय में नई दिल्ली और बीजिंग के बीच संबंध स्थिर रहेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ‘शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन’ (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हुई. इसे दोनों देशों के बीच रिश्तों को मजबूत करने और हाल की प्रगति को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

पिछली मुलाकात और सीमा विवाद

मोदी और शी जिनपिंग की आखिरी मुलाकात 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. चाइना ब्रीफिंग न्यूजलेटर के संस्थापक और सीजीटीएन डिजिटल रिपोर्टर शेन शिवेई ने कहा कि सीमा विवाद दोनों देशों के बीच तनाव का बड़ा कारण रहा है, लेकिन हाल ही में हालात में सुधार आया है और उम्मीद है कि यह सुधार आगे भी जारी रहेगा.

सबसे बड़ा एससीओ शिखर सम्मेलन

शिवेई ने इस सम्मेलन को “अब तक का सबसे बड़ा एससीओ शिखर सम्मेलन” बताया. उन्होंने कहा कि संगठन पिछले दो दशकों में काफी मजबूत हुआ है और वैश्विक स्तर पर उसका महत्व बढ़ा है. इस बार नेताओं के बीच रणनीतिक संवाद, बहुपक्षीय बैठकें और द्विपक्षीय चर्चाएं होने के साथ-साथ तियानजिन घोषणा को मंजूरी दी जाएगी. यह घोषणा आने वाले वर्षों में सदस्य देशों की दिशा तय करेगी.

ये भी पढ़ें: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद बोले पीएम मोदी- दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करेंगे

भू-राजनीति पर असर

ब्राजील के वरिष्ठ पत्रकार नेल्सन पैनसिनी डे सा ने कहा कि मोदी, शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक साथ आना बेहद अहम है. वाशिंगटन की टैरिफ नीतियों के बीच यह मुलाकात वैश्विक व्यवस्था को नया आकार देने का प्रतीक हो सकती है. उन्होंने कहा, “भारत, चीन और रूस तीनों एशिया की बड़ी ताकतें हैं. एशिया भविष्य का महाद्वीप है और इन देशों का सहयोग इसका भविष्य तय करेगा.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पुतिन भारत और चीन के बीच सहयोग बनाए रखने की दिशा में सक्रिय रहेंगे.

भारत-चीन सीमा पर संभावित स्थिरता

नेल्सन पैनसिनी डे सा ने इस बात पर जोर दिया कि एससीओ संवाद और सहयोग के जरिए मध्य और दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता लाने में अहम भूमिका निभा सकता है. उनका मानना है कि भारत-चीन सीमा पर स्थिरता की संभावना इस सम्मेलन से और मजबूत हो सकती है.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital