Tahir Anwar death Pakistan Jaish leader: पाकिस्तान में लश्कर कमांडर बिलाल सलाफी की रहस्यमयी मौत का मामला ठंडा पड़ा ही नहीं था कि अब आतंकिस्तान से एक और आतंकी के जहन्नुम पहुंचने की खबर सामने आ रही है. दरअसल जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के सबसे बड़े भाई ताहिर अनवर की सोमवार (30 मार्च, 2026) की शाम अज्ञात कारणों से बहावलपुर में मौत हो गई है.
बता दें कि मसूद का भाई ताहिर अनवर जैश ए मोहम्मद के सैन्य मामलों का प्रमुख था और आतंकियों की ट्रेनिंग से लेकर ट्रेनिंग कैम्प लगाने की पूरी जिम्मेदारी साल 2001 से संभाल रहा था. वहीं ताहिर की इस रहस्यमयी मौत ने एक बार फिर से ‘अननोन गनमैन’के कान्सेप्ट को वापिस हवा दे दी है, जोकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान से लेकर बांग्लादेश में लगातार भारत को सुकून देने वाले ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं.
ऑपरेशन सिंदूर में बचा ‘अननोन गनमैन’ ने ठोका?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मरकज सुभानल्लाह में भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक में ताहिर अनवर और उसका बेटा हम्माद गंभीर रूप से घायल हुए थे लेकिन दोनों की जान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बच गई थी. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई अब खबर आ रही है कि बीते सोमवार करीब शाम 6 बजे के आसपास ताहिर अनवर ने अज्ञात परिस्थितियों में दम तोड़ दिया है.
आतंकियों को जहन्नुम पहुंचाने का सिलसिला जारी
दरअसल पाकिस्तान में पिछले एक साल से परमजीत सिंह पंजवड़, शाहिद लतीफ, मुल्ला बहौर, बिलाल आरिफ सलाफी और अब जैसे भारत के दुश्मनों की एक-एक कर हो रही रहस्यमयी हत्याओं ने वैश्विक रक्षा समुदाय का ध्यान खींचा है. इन हत्याओं के पीछे किसी देश की सेना या घोषित विशेष बल नहीं बल्कि ‘अननोन गनमैन’ (Unknown Gunmen) हैं, जो बिल्कुल ‘धुरंधर’ फिल्म(dhurandhar 2) के कॉन्सेप्ट की तरह काम कर रहे हैं.
बांग्लादेश में भी हुआ था हाई प्रोफाइल मामला
‘अननोन गनमैन’ का यह खौफनाक नेटवर्क केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है. कुछ समय पहले बांग्लादेश में भी एक कथित CIA एजेंट की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई थी, जो भारत के खिलाफ गतिविधियों में शामिल बताया जा रहा था. उस हत्या का पैटर्न भी वैसा ही क्लीन और प्रोफेशनल था जैसा पाकिस्तान में देखा जा रहा है. इस घटना ने साबित कर दिया कि ‘धुरंधर’ ऑपरेशंस का दायरा अब वैश्विक हो गया है.
देश के दुश्मन चाहे किसी भी शक्तिशाली देश की सुरक्षा में क्यों न छिपे हों, ये ‘अनाम’ (dhurandhar) ताकतें उन्हें ढूंढ निकालने और खत्म करने की क्षमता रखती हैं. बांग्लादेश की घटना ने यह भी संदेश दिया कि भारत अब अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव या कूटनीतिक मर्यादा की परवाह नहीं करेगा.
‘अननोन गनमैन’ कैसे करते हैं काम?
दरअसल ये ‘अननोन गनमैन’ पारंपरिक सैन्य कार्रवाइयों (जैसे सर्जिकल स्ट्राइक) से बिल्कुल अलग और अधिक घातक रणनीति अपनाते हैं. सर्जिकल स्ट्राइक में अपनी सेना को जोखिम में डालना पड़ता है और पकड़े जाने पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संकट पैदा हो सकता है. लेकिन ‘धुरंधर’ स्टाइल में हमलावर पर्दे के पीछे रहते हैं. वे (Unknown Gunmen) महीनों तक टारगेट की रेकी करते हैं, उसकी हर हरकत, कमजोरी और सुरक्षा घेरे का अध्ययन करते हैं. जिसके बाद वे स्थानीय अपराधियों या भाड़े के शूटरों को मोटी रकम देकर या किसी और लालच में फंसाकर उनसे हत्या करवाते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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