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भारत-ईयू साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल की यात्रा: PM Modi

PM Modi ने कहा, “निवेश संरक्षण और GI (भौगोलिक संकेत) समझौते सहित निवेश ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा हुई. हमने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में एक विश्वसनीय और मजबूत निवेश ढांचे पर जोर दिया. हमारी साझा प्रतिबद्धता में सेमीकंडक्टर, AI और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सहयोग शामिल है.

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और प्रधानमंत्री मोदी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष और कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स की भारत यात्रा को ‘अभूतपूर्व’ बताया. उन्होंने शुक्रवार को कहा कि यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ की बहुआयामी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula Von Der Leyen) के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “यह न केवल यूरोपीय आयोग की भारत की पहली यात्रा है, बल्कि यह किसी एक देश में यूरोपीय आयोग की पहली व्यापक भागीदारी भी है. इसके अलावा, यह आयोग की अपने नए कार्यकाल की पहली यात्राओं में से एक है.”

पीएम मोदी ने कहा, “निवेश संरक्षण और जीआई (भौगोलिक संकेत) समझौते सहित निवेश ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा हुई. हमने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में एक विश्वसनीय और मजबूत निवेश ढांचे पर जोर दिया. हमारी साझा प्रतिबद्धता में सेमीकंडक्टर, एआई और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सहयोग शामिल है.

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष, ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स के साथ, प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर दो दिवसीय भारत यात्रा पर गुरुवार दोपहर नई दिल्ली पहुंची थी. यह ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स की पहली भारत यात्रा है. साथ ही दिसंबर 2024 में कार्यभार संभालने वाले नए कमिश्नर्स की यूरोप के बाहर पहली यात्रा है.

IMEC पर भी की गई व्यापक चर्चा

दोनों पक्षों के बीच भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) पर भी व्यापक चर्चा हुई. इसकी घोषणा सितंबर 2023 में भारत में आयोजित जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी. आईएमईसी में दो अलग-अलग गलियारे शामिल हैं, भारत को खाड़ी क्षेत्र से जोड़ने वाला पूर्वी गलियारा और खाड़ी को यूरोप से जोड़ने वाला उत्तरी गलियारा. इसका उद्देश्य दक्षता बढ़ाना, लागत कम करना, क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना, व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाना, रोजगार पैदा करना, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करना है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे विश्वास है कि आईएमईसी वैश्विक वाणिज्य, सतत विकास और समृद्धि के लिए एक प्रेरक शक्ति के रूप में काम करेगा. रक्षा और सुरक्षा मामलों पर हमारा बढ़ता सहयोग आपसी विश्वास को दर्शाता है. हम साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करेंगे.”

-भारत एक्सप्रेस



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