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Kim Jong Un का नया फरमान, उत्तर कोरिया में हॉट डॉग बैन, खाते या बेचते हुए धराए तो होगी लेबर कैंप की सजा

उत्तर कोरिया में अगर कोई व्यक्ति सड़कों पर हॉट डॉग बेचता हुआ या अपने घरों में उन्हें पकाते हुए पाया जाता है, तो उसे लेबर कैंपों में भेज दिया जाएगा.

क्या आपको हॉट डॉग खाना पसंद है. अगर हां, तो इस पृथ्वी पर एक ऐसा अद्भुत देश है जहां आप हॉट डॉग खाने या बेचने के बारे में सोंच भी नहीं सकते. वरना आप देशद्रोही कहलाएंगे. अब तक तो आपने अपने मस्तिष्क के इन्द्रियों को दौड़ा दिया होगा कि आखिर ऐसा कौन सा देश है जिसे हॉट डॉग खाने से समस्या हो सकती है. आपकी जिज्ञासा शांत करते हुए बताना चाहता हुं कि ये कोई और देश नहीं, ऐसी ही अजीबोगरीब फरमान की वजह से चर्चा में रहने वाला नॉर्थ कोरिया (North Korea Hot Dog Ban) है और फरमान देने वाले शासक किम जोंग उन हैं.

पकड़े जाने पर लेबर कैंप की सजा

द सन की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन (Kim Jong Un) ने देश में अपने शासनकाल के दौरान लगाए गए कठोर नियमों और कानूनों की लंबी सूची में एक नया आदेश है कि अगर कोई व्यक्ति सड़कों पर हॉट डॉग बेचता हुआ या अपने घरों में उन्हें पकाते हुए पाया जाता है, तो उसे लेबर कैंपों में भेज दिया जाएगा.

हॉट डॉग पर प्रतिबंध लगाने का यह विचित्र निर्णय किम जोंग द्वारा लगाए गए कई ऐसे नियमों में से सबसे नया है, जिसे वह देश में पश्चिमी प्रभावों और जीवन शैली पर लगाम लगाने के रूप में देखते हैं.

Budae-Jjigae बनाने के लिए होता है इस्तेमाल

उत्तर कोरिया में, हॉट डॉग और प्रोसेस्ड मीट का इस्तेमाल आमतौर पर बुडे-जिगे (Budae-Jjigae) बनाने के लिए किया जाता है, जो एक टाईप का मसालेदार नूडल सूप होता है. यह पड़ोसी दक्षिण कोरिया से आयात किए जाने के बाद देश में लोकप्रिय हो गया. हालांकि, दक्षिण कोरिया को किम जोंग पश्चिमी समर्थक मानते हैं.

ताजा हालात पर बात करते हुए उत्तरी कोरिया के उत्तरी प्रांत रयांगगांग के एक विक्रेता ने कहा, “बाजार में बुडे-जिगे की बिक्री बंद हो गई है. पुलिस और बाजार प्रबंधन ने कहा है कि इसे बेचते हुए पकड़े जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बंद कर दिया जाएगा.”

तलाक भी बैन

इतना ही नहीं, एक अन्य विवादास्पद निर्णय में किम जोंग ने हाल ही में तलाक को भी ‘अपराध’ घोषित किया है और सभी तलाकशुदा जोड़ों को सजा के तौर पर छह महीने के लिए श्रम शिविरों में निर्वासित करने का आदेश दिया है.

 रिपोर्ट के अनुसार, रयांगगांग के एक निवासी ने बताया, “मैं किमजोंगसुक काउंटी पीपुल्स कोर्ट गया था, जहां 12 लोगों को तलाक का आदेश मिला. फैसले के तुरंत बाद, उन्हें काउंटी श्रम प्रशिक्षण शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया.”


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-भारत एक्सप्रेस



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