Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

PM Modi In Egypt: काहिरा की अल-हाकिम मस्जिद पहुंचे पीएम मोदी, जानें, कब-कब मस्जिद गए पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय मिस्र के दौरे पर हैं. पीएम मोदी अमेरिका की यात्रा खत्म करने के बाद 24 जून को काहिरा पहुंचे थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय मिस्र के दौरे पर हैं. पीएम मोदी अमेरिका की यात्रा खत्म करने के बाद 24 जून को काहिरा पहुंचे थे. आज दूसरे दिन पीएम मोदी  ने काहिरा में स्थित एतिहासिक अल-हाकिम मस्जिद पहुंचे. जहां उन्होंने मुस्लिम धर्मगुरुओं और अन्य लोगों से मुलाकात की. पीएम मोदी इससे पहले भी कई देशों की यात्रा के दौरान वहां की मस्जिदों में जा चुके हैं. जिसमें संयुक्त अरब अमीरात से लेकर ओमान की यात्रा शामिल हैं. पीएम मोदी यहां बोहरा और दाऊदी समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे. मस्जिद के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण 11वीं शताब्दी में कराया गया था. जिसका जीर्णोद्धार बाद में बोहरा और दाऊदी समाज ने करवाया था.

पीएम मोदी कब-कब मस्जिद गए ?

साल 2015 में पीएम मोदी अगस्त के महीने में संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर गए थे. जहां पीएम मोदी शेख जायद मस्जिद पहुंचे थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी 2018 में चार देशों की यात्रा की थी. जिसमें फिलिस्तीन, यूएई, जॉर्डन और ओमान देश शामिल है. इस दौरान पीएम मोदी ओमान की राजधानी मस्कट में स्थित सुल्तान कबूस मस्जिद गए थे. इसका निर्माण बालू पत्थर से किया गया है.

यह भी पढ़ें- Varanasi: सावन में महंगे हो जाएंगे काशी विश्वनाथ के दर्शन, मंगला आरती के लिए 2000 तो श्रावण श्रृंगार के लिए लगेंगे 20 हजार, देखें पूरी रेट लिस्ट

साल 2018 में मई-जून के बीच पीएम ने तीन देशों का दौरा किया था. जिसमें इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर शामिल है. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी चूलिया मस्जिद गए थे. चूलिया मस्जिद को चूलिया मुस्लिम समुदाय ने करवाया था. ये तमिल मुसलमानों का एक समुदाय है.

दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद इंडोनेशिया के जर्काता में स्थित है. पीएम मोदी ने इस मस्जिद का दौरा मई 2018 में किया था. पीएम मोदी के साथ तत्कालीन इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो भी मौजूद थे.

भारत से है अल-हाकिम मस्जिद का रिश्ता

काहिरा में स्थित अल हाकिम मस्जिद का निर्माण फातिमिद राजवंश के पांचवें खलीफा अल-अजीज ने 990 ईस्वीं के आखिर में करवाया था. फातिमिद अरब मूल का इस्माइली शिया राजवंश था. मस्जिद को बनने में 10 साल लगे थे. 13वीं सदी में आए भूकंप में मस्जिद क्षतिग्रस्त हो गई थी. जिसे बाद में ममलूक सुल्तान अबु अल फतह ने सही करवाया था. 1970 के दशक में बोहरा दाऊदी समुदाय के धर्मगुरु मोहम्मद बुरहानुद्दीन ने इसका जीर्णोद्धार कराया था. बुरहानुद्दीन का भारत से रिश्ता था, जिन्हें मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.

-भारत एक्सप्रेस मिस्र



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital