Trump White House Diwali Celebration
Trump White House Diwali Celebration: अमेरिका में दिवाली का जश्न सिर्फ रोशनी और परंपरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इस बार यह भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा, सम्मान और राजनीतिक रिश्तों से जुड़े सवालों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस में भारतीय मूल के लोगों के साथ दिवाली मनाई. समारोह में भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और भारत-अमेरिका संबंधों की झलक देखने को मिली. लेकिन इस आयोजन के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दिवाली की रोशनी अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नफरत को कम कर पाएगी?
ओवल ऑफिस में हनुमान चालीसा, भारतीय संस्कृति का खास संदेश
अमेरिकी समय के मुताबिक शुक्रवार को वाइट हाउस में दिवाली समारोह आयोजित किया गया. इसमें कारोबारी विशाल गोंडल, मिशेलिन स्टार शेफ विकास खन्ना और कनाडा की पूर्व सांसद रूबी ढल्ला सहित कई प्रभावशाली भारतीय मूल के लोग शामिल हुए.
इस दौरान विशाल गोंडल ने ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और उन्हें हनुमान चालीसा की एक प्रति भेंट की. गोंडल ने इसे अपने लिए सम्मान की बात बताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि तुलसीदास की हनुमान चालीसा लाखों लोगों को साहस, भक्ति और शक्ति प्रदान करती है. दिवाली के मौके पर दीये जलाते हुए उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों की कामना भी की.
चुनावी झटके के बाद भारतीय समुदाय को साधने की कोशिश?
ट्रंप का दिवाली समारोह ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के मतदाताओं की भूमिका पर चर्चा तेज है. मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को झटका मिलने के बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय के राजनीतिक रुझान भी चर्चा में हैं.
राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भारतीय मूल के मतदाताओं के एक वर्ग ने ट्रंप का समर्थन किया था, लेकिन हालिया चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर झुकाव की चर्चाएं सामने आई हैं. ऐसे में वाइट हाउस में दिवाली समारोह को भारतीय समुदाय के साथ संबंध मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है. हालांकि, इस आयोजन के पीछे ट्रंप की राजनीतिक रणनीति क्या है, इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
भारतीयों के खिलाफ नफरत और नस्लीय हिंसा का सवाल
दिवाली समारोह की चमक के बीच भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा का मुद्दा भी अहम है. अमेरिका में नस्लीय भेदभाव और नफरत से प्रेरित घटनाओं को लेकर भारतीय समुदाय में चिंता बनी हुई है.
ट्रंप की MAGA राजनीति और उनके समर्थकों की बयानबाजी को लेकर आलोचक आरोप लगाते रहे हैं कि इससे प्रवासियों के प्रति नकारात्मक माहौल मजबूत हुआ है. भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नफरत से जुड़ी घटनाओं ने भी समुदाय की चिंताएं बढ़ाई हैं. पिछले महीने एक मंदिर में गोलीबारी की कोशिश की घटना ने इस डर को और गहरा किया. बताया गया कि हथियार जाम होने के कारण गोली नहीं चल सकी. यदि गोली चल जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था. इस घटना में हमलावर की भारतीय मूल के लोगों के प्रति नफरत की बात सामने आई थी.
क्या दीयों की रोशनी नफरत के अंधेरे को मिटा पाएगी?
वाइट हाउस में दिवाली मनाना भारतीय संस्कृति के सम्मान और भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का प्रतीक जरूर है. लेकिन भारतीय समुदाय के लिए असली मायने सिर्फ राष्ट्रपति के साथ तस्वीरें या दीये जलाने का समारोह नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन है. दिवाली का संदेश तभी सार्थक होगा, जब अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव और हिंसा पर प्रभावी कार्रवाई हो. सवाल यह है कि क्या ट्रंप का दिवाली समारोह महज प्रतीकात्मक रहेगा या भारतीय समुदाय की सुरक्षा और सम्मान के लिए ठोस कदमों की शुरुआत बनेगा?
भारत एक्सप्रेस
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