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लेबनान में खूनी खेल: इजरायली हमले में UN शांतिसैनिकों की मौत, फ्रांस ने दी कड़ी चेतावनी; क्या अब छिड़ेगी बड़ी जंग?

लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के शांतिसैनिकों पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बवाल मचा दिया है. फ्रांस ने इजरायल की कड़ी निंदा की है, वहीं इंडोनेशिया ने अपने सैनिकों की मौत की पुष्टि की है.

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Israel Lebanon conflict: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. लेबनान की सीमा पर शांति बहाल करने के लिए तैनात संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांतिसैनिकों पर हुए हमलों ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इन हमलों में इंडोनेशियाई शांतिसैनिकों के हताहत होने की खबर के बाद फ्रांस ने इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने बेहद कड़े शब्दों में इजरायल की निंदा करते हुए इसे ‘अस्वीकार्य’ करार दिया है.

आखिर लेबनान में हुआ क्या?

खबरों के मुताबिक, लेबनान के नकौरा क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र की अंतरिम सेना (UNIFIL) के मुख्यालय और कर्मियों को निशाना बनाया गया. पिछले दो दिनों में हुई घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की चिंता बढ़ा दी है. रविवार को हुई भारी गोलीबारी में इंडोनेशिया के एक शांतिसैनिक की जान चली गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. अभी दुनिया इस झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि सोमवार को एक और धमाके ने दो और इंडोनेशियाई सैनिकों की जान ले ली.

फ्रांसीसी विदेश मंत्री बारो ने कहा कि इजरायली सैनिकों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों को डराना-धमकाना और सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाना बर्दाश्त से बाहर है. फ्रांस ने पेरिस में इजरायली राजदूत को तलब कर अपना कड़ा विरोध भी दर्ज कराया है.

‘ये अंतरराष्ट्रीय कानून का कत्ल’

सिर्फ फ्रांस ही नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस पर गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि शांतिसैनिकों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का सीधा उल्लंघन है. हालांकि, UNIFIL ने अभी आधिकारिक तौर पर इजरायल का नाम नहीं लिया है और जांच की बात कही है, लेकिन लेबनान की स्थानीय मीडिया और चश्मदीदों का दावा है कि ये गोले इजरायली तोपों से ही दागे गए थे जो सीधे इंडोनेशियाई दल के मुख्यालय पर गिरे.

क्यों सुलग रही लेबनान-इजरायल सीमा?

आपको बता दें कि इस साल 2 मार्च से सीमा पर हालात बेकाबू हैं. पिछले साल नवंबर में हुए संघर्ष विराम के बाद पहली बार हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे थे, जिसके बाद इजरायल ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए. तब से अब तक यह इलाका बारूद के ढेर पर बैठा है.

बता दें कि फ्रांस ने अब इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है.

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-भारत एक्सप्रेस



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