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ईरान की दहलीज पर ‘अमेरिकी भूत’! दुनिया के सबसे घातक विमान के सामने पंगु हो जाएगा ईरानी डिफेंस सिस्टम

US Iran Tension: मंगलवार को अमेरिका का भूत कहे जाने वाले लड़ाकू विमान F-22 रैप्टर इजरायल के वायुसेना अड्डे पर उतरे. वो भी एक या दो नहीं बल्कि पूरे 1 दर्जन. यह पहली बार नहीं है कि अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच लड़ाकू विमानों को इजरायल भेजा है.

US Iran tension

US Iran Tension: मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है. ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका के बीच अब ऐसी खबर आई है जिसने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई के आंखों की नींद गायब कर दी है. मंगलवार को अमेरिका का भूत कहे जाने वाले लड़ाकू विमान F-22 रैप्टर इजरायल के वायुसेना अड्डे पर उतरे. वो भी एक या दो नहीं बल्कि पूरे 1 दर्जन.

बता दें कि F-22 रैप्टर को दुनिया का सबसे खतरनाक लड़ाकू विमान माना जाता है. यह इतना घातक है कि खुद अमेरिका इस विमान को किसी को भी नहीं बेचता. अमेरिका कभी नहीं चाहता है कि दुनिया के अन्य देशों के पास ये विमान हो, ताकि उसकी सैन्य श्रेष्ठता बनी रहे.

रडार को बना देता है पंगू

यह विमान ना सिर्फ जमीन पर हमले करने में सक्षम है, बल्कि इसकी मदद से अमेरिका इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में भी एकतरफा दबदबा बना लेता है. इसकी खासियत ये है कि यह विरोधी सेना के रडार को जाम कर उसे पंगू बना देता है. जिसकी वजह से ना तो विरोधी सेना के मिसाइल सिस्टम काम कर पाते हैं और ना ही वो कोई हैकिंग करने लायक रह जाते हैं. एक शब्द में कहें तो यह अकेला विमान ईरान के डिफेंस सिस्टम को बेकार बनाने के लिए काफी है.

यह पहली बार नहीं है कि अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच लड़ाकू विमानों को इजरायल भेजा है. कुछ हफ्ते पहले भी अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत, USA गेराल्ड आर.फोर्ड को इजरायल के तट पर भेजा था.

इजरायल के आसपास 300 फाइटर जेट्स

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका मध्य पूर्व में अपने सैनिकों की लगातार तैनाती बढ़ा रहा है. रिपोर्ट्स में ये भी बताया गया है कि इस समय इजरायल और ईरान के पास 300 अमेरिकी फाइटर जेट्स मौजूद हैं. जो कभी भी इरान पर हमला कर उसे नेस्तनाबूत कर सकते हैं.

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जेनेवा में चल रही शांति वार्ता

बता दें कि, अमेरिका और ईरान के बीच जेनेवा में चल रही शांति वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकल पाया. ट्रंप प्रशासन ईरान पर पूरी तरह परमाणु संवर्धन को खत्म करने का दबाव डाल रहा है.

इस बात की पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कही है. उन्होंने मंगलवार को अपने स्टेट ऑफ द यूनियन के संबोधन में कहा कि वो ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं. वो एक डील करना चाहते हैं जिसमें ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने की बात भी शामिल है.

-भारत एक्सप्रेस



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