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US Iran War Doomsday Night: पश्चिम एशिया में भड़के महायुद्ध का आज 39वां दिन इजरायल और ईरान एक-दूसरे के शहरों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दाग रहे हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी और खौफनाक धमकी दे दी है. दुनिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका महज एक मिनट में हजारों कमांडो उतारकर एक ही रात में पूरे ईरान को बर्बाद कर सकता है, और ईरान के लिए वह तबाही वाली ‘कयामत की रात’ आज ही हो सकती है. उन्होंने ‘ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन’ की थ्रिलर कहानी भी सुनाई है.
ईरान में होगी कयामत की रात? (US Iran War Massive Attack)
होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने की डेडलाइन खत्म होने के बीच ट्रंप के तेवर बेहद तीखे हो गए हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने साफ कहा कि, “पूरे देश (ईरान) पर एक रात में कब्ज़ा किया जा सकता है.” ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनका आदेश मिलते ही एक मिनट के अंदर हजारों अमेरिकी कमांडो ईरान पर टूट पड़ेंगे. ट्रंप का स्पष्ट लक्ष्य ऊर्जा ठिकानों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को तबाह करना है. उन्होंने दो टूक कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुलवाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ईरान का परमाणु मिशन अब कभी पूरा नहीं हो पाएगा.
रेस्क्यू की कहानी ट्रंप की जुबानी (Donald Trump US Iran War)
ट्रंप ने ईरान के भीतर चलाए गए अमेरिकी सेना के अब तक के सबसे मुश्किल ‘कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू’ ऑपरेशन का खुलासा किया. ईरान में गिरे अपने एफ-15 पायलट को बचाने के लिए अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी.
पहला और दूसरा मिशन: पहले मिशन में 21 विमान भेजे गए. इसके बाद दूसरे बड़े रेस्क्यू मिशन में कुल 155 अमेरिकी विमान शामिल किए गए, जिनमें 4 बॉम्बर, 64 फाइटर जेट, 48 फ्यूल टैंकर, 13 रेस्क्यू विमान और 200 कमांडो शामिल थे.
धोखे की रणनीति: ईरान को भटकाने के लिए 7 अलग-अलग जगहों पर डिकॉय (नकली हलचल) पैदा की गई, ताकि दुश्मन को असल लोकेशन का पता न चले.
पायलट का अदम्य साहस: घायल पायलट के चेहरे से खून बह रहा था, फिर भी दुश्मन से बचने के लिए वह खतरनाक पहाड़ी इलाके में चढ़ाई करता रहा. उसने खुद अपने जख्मों का इलाज किया और फोर्स से संपर्क बनाए रखा. अंततः उसे सुरक्षित निकाल लिया गया. इस ऑपरेशन में अमेरिका का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ. ट्रंप ने बताया कि विमानों की तकनीक दुश्मन के हाथ न लगे, इसलिए अमेरिका ने खुद अपने विमानों को नष्ट कर दिया.
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‘जिसने प्लान लीक किया, वो जेल जाएगा’ (US Iran War Escalation)
इस सफल ऑपरेशन के बीच एक बड़ी चूक भी हुई. ट्रंप ने भारी गुस्से में बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत दूसरे पायलट को बचाने का सीक्रेट प्लान किसी ने मीडिया में लीक कर दिया था. ट्रंप ने कहा कि किसी ने हमारे प्लान को लीक कर दिया और सैकड़ों लोगों की जान खतरे में डाल दी. हम उसका पता लगा रहे हैं और जिसने भी ये किया है, वह जल्द ही जेल जाएगा.”
कुवैत एयरबेस पर हमला, 15 अमेरिकी घायल (US Iran War Global Crisis)
39वें दिन युद्ध के मैदान से भी भीषण तबाही की खबरें आ रही हैं. इजरायल (IDF) ने तेहरान समेत ईरान के 3 एयरपोर्ट्स और पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी की है. इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई है और IRGC के इंटेलिजेंस चीफ खादेमी के मारे जाने की भी खबर है.
इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल के तेल अवीव पर मिसाइलें दागी हैं. इतना ही नहीं, ईरान ने जॉर्डन, बगदाद और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया है. कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर ईरान के ड्रोन हमले में 15 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं. ईरान ने एयरक्राफ्ट कैरियर USS त्रिपोली पर भी हमले का दावा किया है. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से अपील की है कि वे सीजफायर न करें.
होर्मुज स्ट्रेट पर भारतीय जहाजों की स्थिति (US Iran War Breaking)
होर्मुज स्ट्रेट के तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है. 46,655 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहा शिप ‘ग्रीन सान्वी’ भारतीय नौसेना की कड़ी निगरानी में सुरक्षित निकलकर गुजरात के भरूच पहुंच रहा है. जहाजरानी मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में पर्शियन गल्फ (फारस की खाड़ी) में 16 भारतीय शिप मौजूद हैं, लाल सागर में 2 और अदन की खाड़ी में 1 जहाज मौजूद है, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है.
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अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे इस महायुद्ध (US Iran War Latest Update) ने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं. एक तरफ 45 दिनों के युद्धविराम के प्रस्ताव पर पर्दे के पीछे चर्चा चल रही है, तो दूसरी तरफ ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने दो टूक कह दिया है कि वे ट्रंप की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं. लेकिन, जिस तरह से ट्रंप ने ‘कयामत की रात’ और 1 मिनट में कमांडो अटैक की डेडलाइन तय की है, उससे साफ है कि अगर कूटनीति विफल रही, तो आज की रात मिडिल ईस्ट के इतिहास की सबसे खौफनाक और विनाशकारी रात बन सकती है.
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