आज की वार्दात: डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर हुई फायरिंग को बाद हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है. जिसके बाद से हमलावर की वीडियों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें देखा जा सकता है कि उसे जमीन पर लिटा कर उसके हाथ पिछे बांधे गए है. यह पहली ऐसी घटना नहीं है इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं सामने आई है. लेकिन क्या आप जानते है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसके कपड़े क्यों उतरवा दिए जाते हैं? अगर नहीं तो चलिए जानते है:
व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में फायरिंग
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक फायरिंग की आवाज सुनाई दी. उस समय पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) मंच पर मौजूद थे.
पहले लोगों को यह सामान्य आवाज लगी, लेकिन कुछ ही समय बाद वहा अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए टेबल के नीचे छिपने लगे.
मौके पर मौजूद संयुक्त राज्य गुप्त सेवा (United States Secret Service) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रंप और वहा मौजूद अन्य नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. पूरे इलाके को घेर लिया गया और होटल को सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया. इस घटना के बाद एक संदिग्ध हमलावर को हिरासत में ले लिया गया और उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है.
लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि आखिर क्यों हमलावरों को गिरफ्तार करने के बाद उनके कपड़े उतार दिए जाते हैं? चलिए समझते है:
आखिर क्या है वजह?
जब किसी आरोपी को गिरफ्तार किया जाता है, तो सबसे पहले उसकी ‘पूरी तलाशी’ ली जाती है. पुलिस को शक होता है कि उसके कपड़ों में हथियार, ब्लेड, ड्रग्स या विस्फोटक छिपा हो सकता है. इसलिए कई बार कपड़े उतरवाकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि उसके पास कुछ भी खतरनाक न हो.
क्या यह सिर्फ जांच के लिए होता है?
हां, इसका एक बड़ा कारण ‘सबूत जुटाना’ (Gathering evidence) भी होता है. हमले के दौरान आरोपी के कपड़ों पर खून, बारूद या अन्य जरूरी निशान मिल सकते हैं. ऐसे में कपड़ों को सुरक्षित रखकर उनको जांच के लिए भेज दिया जाता है, ताकि सच सामने आ सके.
इसके पीछे कंट्रोल की वजह भी है?
कई मामलों में यह कदम ‘सुरक्षा और नियंत्रण’ (Security and Control) के लिए उठाया जाता है. हिरासत में आरोपी खुद को या दूसरों को नुकसान न पहुंचा सके, या भागने की कोशिश न करे, इसलिए उसे ऐसी स्थिति में रखा जाता है जहां उसकी ऐक्टिविटी को लिमिट में रखा जा सके.
लेकिन यहां यह समझना भी बेहद जरूरी है कि हर बार यह तरीका सही नहीं रहता. कई बार यह ‘गलत या अपमानजनक प्रैक्टिस’ (Wrong or insulting practice) बन जाता है. भारत में भारतीय संविधान (Indian Constitution) हर व्यक्ति को सम्मान और गरिमा का अधिकार देता है.
इसलिए बिना ठोस कारण के किसी आरोपी के कपड़े उतरवाना ‘मानवाधिकारों का उल्लंघन’ (Violation of human rights) माना जा सकता है. आपको जानना यह बहुत जरूरी है कि हमलावर के कपड़े उतरवाना कोई तय नियम नहीं है. यह हमेशा सुरक्षा और जांच के लिए एक जरूरी कदम होता है.
-भारत एक्सप्रेस
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