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क्या कंगाल पाकिस्तान का दुनिया के नक्शे से कट गया पत्ता? विश्व बैंक के इस फैसले से क्यों मची है खलबली?

India Pakistan Relations: विश्व बैंक ने पाकिस्तान को ‘दक्षिण एशिया’ से निकालकर मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीकी देशों (MENAAP) के समूह में डाल दिया है. इस फैसले के बाद पाकिस्तान में विश्लेषक सरकार और भारत की कूटनीति पर सवाल उठा रहे हैं.

विश्व बैंक के नए क्षेत्रीय पुनर्गठन के तहत पाकिस्तान अब दक्षिण एशिया का हिस्सा नहीं रहेगा, उसे मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENAAP) समूह के साथ जोड़ा गया है.

(AI IMAGE)

India Pakistan Relations: आर्थिक तंगी और कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान को विश्व बैंक (World Bank) से एक बहुत बड़ा झटका लगा है. विश्व बैंक ने पाकिस्तान को अपने ‘दक्षिण एशिया’ (South Asia) क्षेत्रीय समूह से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

विश्व बैंक द्वारा अपने क्षेत्रीय वर्गीकरण में किए गए बदलाव के तहत पाकिस्तान अब दक्षिण एशिया क्षेत्र का हिस्सा नहीं रहेगा. इस क्षेत्र में अब भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और मालदीव ही शामिल हैं. पाकिस्तान को अब खाड़ी और उत्तरी अफ्रीकी देशों वाले MENAAP समूह में स्थानांतरित कर दिया गया है. पाकिस्तानी विशेषज्ञों का मानना है कि अजय बंगा के नेतृत्व और नई दिल्ली में दक्षिण एशियाई कार्यालय स्थापित करने की योजना के कारण भारत-पाक तनाव के चलते पाकिस्तान को यह बड़ा कूटनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है.

पाकिस्तान को विश्व बैंक का तगड़ा झटका: ‘दक्षिण एशिया’ से किया बाहर

आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए एक और बुरी खबर आई है. विश्व बैंक ने अपने प्रशासनिक और क्षेत्रीय ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए पाकिस्तान को ‘दक्षिण एशिया’ (South Asia) क्षेत्र से बाहर कर दिया है. अब दक्षिण एशिया के तहत केवल भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और मालदीव ही गिने जाएंगे. पाकिस्तान को अब खाड़ी देशों और उत्तरी अफ्रीका के साथ मिलाकर बनाए गए MENAAP समूह में डाल दिया गया है.

नई दिल्ली में ऑफिस और वीजा विवाद बना वजह?

पाकिस्तानी पत्रकार शहबाज राणा के अनुसार, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा की मंशा थी कि दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक का मुख्य क्षेत्रीय कार्यालय नई दिल्ली में बनाया जाए. भारत और पाकिस्तान के बीच जारी कूटनीतिक तनाव के कारण यदि ऑफिस नई दिल्ली में बनता, तो पाकिस्तानी अधिकारियों को वहां जाने के लिए वीजा संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ता. शुरुआती विरोध के बावजूद आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा और विश्व बैंक ने उसे दक्षिण एशिया से अलग कर नए ग्रुप में शामिल कर दिया.

MENAAP में जाना पाकिस्तान के लिए क्यों है बड़ा झटका?

विश्व बैंक के इस कदम से पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. विश्लेषकों का कहना है कि अब तक पाकिस्तान की तुलना भारत और बांग्लादेश जैसे विकासशील देशों से होती थी, लेकिन अब उसकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति की तुलना सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे अमीर देशों से होगी. कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण पाकिस्तान का यह स्थानांतरण उसकी साख के लिए एक बड़ा धक्का माना जा रहा है.

गरीबी रिपोर्ट और पाकिस्तानी सरकार की सफाई

विश्व बैंक के ताजा आर्थिक आकलन के मुताबिक, MENAAP क्षेत्र में अत्यधिक गरीबी में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसमें से आधी से ज्यादा अत्यधिक गरीब आबादी अकेले पाकिस्तान में निवास करती है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पाकिस्तानी मीडिया में भारी नाराजगी है. वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि इस क्षेत्रीय बदलाव से देश की आय के दर्जे या उसकी भौगोलिक पहचान पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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