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Lok Sabha Election: अमिताभ और जया के बाद राजनीति में हाथ आजमाएंगे अभिषेक बच्चन? इलाहाबाद लोकसभा सीट से लड़ सकते हैं चुनाव

अभिषेक बच्चन एक एक्टर से ज्यादा कहीं अच्छे बिजनेसमैन हैं. वे दो सफल स्पोर्ट्स टीम प्रो कबड्डी टीम और जयपुर पिंक पैंथर्स के मालिक हैं. इसके अलावा वह इंडियन सुपर फुटबॉल लीग में चेन्नईयिन फैन क्लब के भी मालिक हैं.

राजनीति में हाथ आजमाएंगे अभिषेक बच्चन

राजनीति में हाथ आजमाएंगे अभिषेक बच्चन

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Lok Sabha Election: अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के बाद उनके बेटे एक्टर अभिषेक बच्चन भी राजनीति में कदम रख सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा कि जूनियर बच्चन अखिलेश यादव की पार्टी में शामिल होंगे और इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेगे. हालांकि, अभिषेक या पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है. अभिषेक के राजनीति में शामिल होने की खबरों ने खासकर उत्तर प्रदेश में काफी हलचल मचा दी है. लोग यह जानने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या ये खबरें सच हैं.

एक्टर से ज्यादा एक सफल बिजनेसमैन हैं अभिषेक

बता दें कि अभिषेक बच्चन एक एक्टर से ज्यादा कहीं अच्छे बिजनेसमैन हैं. वे दो सफल स्पोर्ट्स टीम प्रो कबड्डी टीम और जयपुर पिंक पैंथर्स के मालिक हैं. इसके अलावा वह इंडियन सुपर फुटबॉल लीग में चेन्नईयिन फैन क्लब के भी मालिक हैं. ये टीम दो बार इंडियन सुपर फुटबॉल लीग का खिताब जीत चुकी है. 2013 में एक इंटरव्यू में अभिषेक ने कहा था, “मेरे माता-पिता राजनीति में रहे हैं, लेकिन मैं नहीं . मैं पर्दे पर भले ही एक राजनेता की भूमिका निभा सकता हूं, लेकिन असल जिंदगी में यह बहुत बड़ी बात है. मैं कभी इसमें शामिल नहीं होऊंगा.”

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अमिताभ और जया का राजनीतिक सफर

साल 1984 में मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने अभिनय से ब्रेक लेकर राजनीति में प्रवेश किया. हालांकि, उनका राजनीतिक करियर लंबा नहीं चला. इलाहाबाद लोकसभा सीट से बच्चन ने बंपर जीत दर्ज की. तब उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा को करारी शिकस्त दी थी. इस चुनाव में अमिताभ को 68 फीसदी वोट मिले, जबकि बहुगुणा के खाते में 25 फीसदी वोट आए. बाद में बोफोर्स घोटाले में शामिल होने के आरोप लगने के बाद जुलाई 1987 में उन्होंने अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया. बिग बी ने पहले कहा था कि राजनीति में शामिल होने का उनका फैसला भावनात्मक था लेकिन जब वह इसमें शामिल हुए तो उन्हें एहसास हुआ कि वहां भावनाओं की कोई जगह नहीं है. दूसरी ओर, जया बच्चन पहली बार 2004 में सपा से संसद सदस्य के रूप में चुनी गईं. उन्होंने मार्च 2006 तक राज्यसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया. उन्हें 2012 में तीसरे कार्यकाल के लिए और फिर 2018 में चौथे कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया.

-भारत एक्सप्रेस



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