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पाकिस्तान संग व्यापार चाहती है पंजाब की मान सरकार, मीडिया रिपोर्ट में खुलासा

पाकिस्तान संग व्यापार चाहती है पंजाब की मान सरकार, मीडिया रिपोर्ट में खुलासा

पाकिस्तान के साथ ट्रेड चाहती है AAP सरकार

पाकिस्तान के साथ व्यापार शुरू करने की कवायद एक बार फिर चर्चा में है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तों के एक बार फिर से शुरू करने की इच्छा जाहिर की है. जानकारी के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के मंत्रिमंडल में कृषि और किसान कल्याण मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने इसी साल जुलाई महीने में बेंगलुरु में राज्य के कृषि और बागवानी मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के साथ ट्रेड को बढ़ावा देने और फिर से इसे बहाल करने की बात कही थी.पंजाब सरकार के इस बयान के पीछे भी उनकी राजनीति भी है. क्योंकि वह शायद ये संकेत भी देना चाहती है कि उनकी सरकार पाकिस्तान से अच्छे रिश्ते चाहती है. दूसरी बड़ी बात ये है कि व्यापार बंद होने से भारतीय पंजाब के व्यापारियों को भी नुकसान हो रहा है.क्योंकि उनका बहुत सारा माल अटारी-वाघा सीमा होते हुए पाकिस्तान में दाखिल होता था.

भारत- पाकिस्तान ट्रेड 370 के चलते बंद

हालांकि व्यापार बंद होने के एक प्रमुख कारण जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 समाप्त करके इसके विशेष दर्जा को खत्म करना था.उस वक्त पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार थी.ये बात सभी जानते हैं कि तब खुद इमरान खान ने दो दिन बाद भारत से  ट्रेड बंद करने का ऐलान किया था.तब से अब तक व्यापार बंद है.इससे पहले पुलवामा आतंकी हमले में भारत के 40 जवाव शहीद हो गए थे. इस पर पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए 15 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया था और पाकिस्तान से निर्यात होने वाली चीजों पर सीमा शुल्क को 200 प्रतिशत बढ़ा दिया था.

भारत और पाकिस्तान के बीच आजादी के बाद से ही द्विपक्षीय व्यापार चल रहा था. लेकिन दोनों देशों के बीच कई बार आपसी विवाद के चलते इस पर रोक लगी. पिछले तीन साल से भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते बंद हैं. साल 2019 में भारत ने जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के आर-पार होने वाला व्यापार भी बंद कर दिया था जो लेन-देन की व्यवस्था पर आधारित था. इसका कारण यह था क्योंकि दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति नहीं बन पा रही थी कि ट्रेड के लिए किस करेंसी का इस्तेमाल किया जाए.

 

-भारत एक्सप्रेस



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