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फिर डरा रहा कोरोना, पिछले 24 घंटे में सब-वेरिएंट JN.1 से 5 लोगों की मौत, इतने मामले आए सामने

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके तेजी से बढ़ते प्रसार को देखते हुए COVID-19 स्ट्रेन JN.1 को के बारे में बताया है. स्वास्थ्य एजेंसी ने यह भी कहा कि इससे वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम “कम” है.

COVID-19: अब तक देश में COVID-19 सब-वेरिएंट JN.1 के कुल 511 मामले पाए गए हैं. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के तहत एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटों में COVID ​​-19 के कारण 5 मौतें हुईं हैं. देश में बढ़ते कोविड के मामलों को देखते हुए स्वास्थ मंत्रालय अलर्ट मोड पर है. राज्यों को केंद्र की ओर से राहत मुहैया कराने का वादा किया गया है.

कर्नाटक से सबसे ज्यादा मामले

“2 जनवरी, 2024 तक 11 राज्यों से JN.1 के कुल 511 मामले सामने आए हैं. कर्नाटक में उप-संस्करण के 199 मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं केरल में 148, गुजरात से 36, महाराष्ट्र से 32, गोवा से 47 मामले सामने आए हैं.  इस बीच, तमिलनाडु में JN.1 सब-वेरिएंट के 26, दिल्ली में 15 और राजस्थान में 4 मामले सामने आए हैं. तेलंगाना में दो मामले सामने आए हैं. ओडिशा और हरियाणा में एक-एक मामला सामने आया है.

भारत की COVID टैली

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में कहा गया है कि पिछले 24 घंटों में कुल 602 नए मामले दर्ज किए गए हैं और कुल मामलों की संख्या 4,50,15,136 है. सक्रिय मामले 4,440 थे, जिसमें मंगलवार से 125 की कमी देखी गई. पिछले 24 घंटों में 722 लोग ठीक हुए और कुल ठीक हुए मामले 4,44,77,272 हो गए. राज्य-वार वितरण से पता चला कि पिछले 24 घंटों में केरल में 2 मौतें हुईं.

मृतक की पहचान क्रॉनिक लिवर डिजीज, मल्टीपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम (एमओडीएस), और सेप्सिस से पीड़ित 66 वर्षीय पुरुष और कोरोनरी आर्टरी डिजीज , टी2डीएम और सेप्सिस से पीड़ित 79 वर्षीय महिला के रूप में की गई है.

यह भी पढ़ें: भारत में हिट एंड रन कानून का विरोध क्यों? जानें अमेरिका और जापान में ऐसे मामलों को लेकर मिलने वाली सजा और कानून

WHO ने JN.1 स्ट्रेन को ‘रुचि का प्रकार’ बताया

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके तेजी से बढ़ते प्रसार को देखते हुए COVID-19 स्ट्रेन JN.1 को के बारे में बताया है. स्वास्थ्य एजेंसी ने यह भी कहा कि इससे वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम “कम” है. WHO ने कहा कि JN.1 वैरिएंट को पहले BA.2.86 सबलाइनेज के हिस्से के रूप में रुचि के वैरिएंट (VOI) के रूप में वर्गीकृत किया गया था, मूल वंशावली जिसे VOI के रूप में वर्गीकृत किया गया है.

-भारत एक्सप्रेस



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