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दिल्ली शराब नीति मामले में तिहाड़ जेल में बंद मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, की ये मांग

दिल्ली शराब नीति मामले में तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मनीष सिसोदिया की ओर से दायर जमानत याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट आज यानी 3 मई को सुनवाई करेगा.

(Delhi Liquor Policy Case

(Delhi Liquor Policy Case

दिल्ली शराब नीति मामले ((Delhi Liquor Policy Case) में तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ((Manish Sisodia) ने दिल्ली हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मनीष सिसोदिया की ओर से दायर जमानत याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट आज यानी 3 मई को सुनवाई करेगा. मनीष सिसोदिया ने निचली अदालत से जमानत खारिज करने के फैसले को दिल्ली हाइकोर्ट में चुनौती दी है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की दूसरी ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी.

मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज

कोर्ट सीबीआई और ईडी मामले में जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था, कि याचिकाकर्ता मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपी कोर्ट में एक के बाद एक एप्लीकेशन दायर और मौखिक आग्रह करते रहे हैं जिनमें से कई बेवजह दायर की गई थी. ऐसा दिखता है कि वह साझा तौर से मामले में देरी करना चाहते हैं. यही वजह है कि मनीष सिसोदिया की इस दलील को नहीं माना जा सकता कि मामले में कानूनी कार्यवाही बेहद धीमी रफ्तार से चल रही है.

शराब नीति मामले में मास्टरमाइंड-ED

कोर्ट के आदेश के मुताबिक अब तक इस मामले में अलग अलग आरोपी कुल 135 एप्लीकेशन कोर्ट में दायर कर चुके हैं. मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने मनीष सिसोदिया की ओर से दायर जमानत अर्जी का विरोध किया था. सीबीआई के वकील ने कहा था कि उन्हें जमानत नही दिया जाना चाहिए. क्योंकि उन्हें कोर्ट द्वारा इस मामले में मास्टरमाइंड बताया गया है.

“सिसोदिया घोटाले में किंगपिन है”

सीबीआई ने कहा था कि सिसोदिया जमानत मिलने पर आगे की जांच गवाहों को प्रभावित कर सकते है. सीबीआई ने कहा था कि सिसोदिया घोटाले में किंगपिन है. सीबीआई ने कहा था कि हम बार बार कह रहे हैं कि ये किंगपिन है. ईडी ने कहा था कि अपराध की गंभीरता बेहद गंभीर है क्योंकि एक नीति बनाई गई जो कुछ थोक विक्रेताओं के पक्ष में थी. पॉलिसी वापस लेने का एकमात्र वजह जांच थी और शराब नई नीति मतलब अवैध लाभ प्राप्त करने का एक जरिया.

ईडी ने कहा था कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में कहा गया था कि थोक कारोबार का हिस्सा सरकार को दिया जाए.  इस बात पर कोई चर्चा नही की गई और थोक कारोबार निजी कम्पनियों को क्यों दे दिया गया. ईडी ने कहा था कि साउथ ग्रुप के साथ ओबेरॉय होटल में मीटिंग हुई थी, जहां सभी सह आरोपी मीटिंग में मौजूद थे. इनमें से कुछ अब सरकारी गवाह बन गए है. आपको बता दें कि दिल्ली की आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में CBI ने 26 फरवरी 2023 को मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 9 मार्च को न्यायिक हिरासत से ED ने गिरफ्तार किया था.



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